सरकारी पैकेज रेट पर सिर्फ एक निजी अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने तैयार

806 भर्ती मरीजों को छोड़कर 8 हजार सरकारी बेड उपलब्ध हैं

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 26 Jun 2020, 07:58 PM IST

रायपुर. प्रदेश सरकार ने 19 जून को निजी अस्पतालों में कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज का फैसला ले लिया था। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा सभी निजी अस्पतालों को कहा गया था कि वे कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए इच्छुक हैं तो आवेदन करें।

जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने जिले में 50 बिस्तर से अधिक वाले अस्पतालों की सूची तैयार करें। 'पत्रिकाÓ पड़ताल में सामने आया कि आज आठ दिन बाद सरकार के पास 40 से अधिक 50 बिस्तर वाले अस्पतालों की सूची है, मगर इनमें से सिर्फ रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (रिम्स) रायपुर ने कोरोना मरीजों के इलाज पर सहमति दी है। बाकियों ने हां कहा है न ना।

जानकारी के मुताबिक रिम्स को सरकार पहले भी कोविड 19 हॉस्पिटल के रूप में विकसित करना चाह रही थी, मगर बाद में फैसला बदल दिया गया था। सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बहुत स्पष्ट कह दिया गया है कि 'वर्तमान में कोरोना के मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों में जारी है। अभी निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है। जिस दिन आवश्यकता पड़ेगी, अस्पताल संचालकों से पूछना नहीं पड़ेगा। आदेश देना पड़ेगा कि तैयारियां रखें, कोरोना संक्रमित मरीज भेजे जा रहे हैं। उधर, दूसरी तरफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएएम) और हॉस्पिटल बोर्ड की सरकारी पैकेज रेट को लेकर विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि 2,200 रुपए से लेकर 6,750 रुपए के पैकेज रेट में स्टाफ की पीपीई किट का खर्च तक नहीं निकलता।

पैकेज रेट पर विरोध, मगर इलाज कर रहे अस्पताल: आयुष्मान योजना और डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत ऐसी कई बीमारियों के पैकेज रेट हैं, जिन्हें लेकर पूर्व में खासा विरोध हुआ था। डॉक्टरों और निजी अस्पतालों के संगठनों के विरोध के बाद सरकार नहीं झुकी। धीरे-धीरे निजी अस्पतालों ने उन्हीं पैकेज रेट पर इलाज करना शुरू कर दिया। क्योंकि योजना से बाहर होकर बड़े अस्पताल तो सर्वाइव कर सकते हैं, छोटे और मझोले अस्पताल नहीं।

इस प्रकार तय की हैं इलाज की दरें

वार्ड सुविधा और दरें
जनरल वार्ड आइसोलेशन 2,200 रुपए
आईसीयू वेंटीलेटर रहित, आइसोलेशन 3,750 रुपए
आईसीयू वेंटीलेटर सहित, आइसोलेशन 6,750 रुपए

अभी पर्याप्त बेड

सरकार के अपने सरकारी अस्पतालों में कोविड 19 मरीजों के उपचार के लिए 8 हजार बेड हैं। वर्तमान में सिर्फ 806 मरीज ही भर्ती हैं, 1600 से ज्यादा स्वस्थ हो चुके हैं। कई अस्पतालों का काम जारी है। इसलिए सरकार निजी अस्पतालों के रूख से ज्यादा परेशान नहीं है, क्योंकि अभी आपात स्थिति जैसी परिस्थितियां नहीं हैं। पैकेज रेट तय करने के पीछे सरकार का उ²ेश्य सिर्फ इतना है कि जरुरत पड़ी तो निजी अस्पतालों की मदद लेनी पड़ेगी, इसलिए तैयार रखी जाएं।

स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक नीरज बंसोड़ ने बताया कि दिल्ली-मुंबई में निजी अस्पतालों के इलाज के रेट की तुलना यहां नहीं की जा सकती। हमने चार राज्यों का अध्ययन करने के बाद पैकेज रेट बनाए हैं। आवश्यकता पड़ी तो अस्पताल अधिग्रहित कर लिए जाएंगे।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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