बिना आवक के महज डेढ़ महीना का बचा हुआ है राशन और सब्जियों का स्टॉक, सप्लाई के लिए विशेष पास की मांग

थोक कारोबारियों का कहना है कि यदि दूसरे राज्यों से किराना और सब्जियों की सप्लाई पूरी तरह बंद भी हुई तो हमारे पास डेढ़ महीने का स्टॉक है, लेकिन अभी सबसे बड़ी परेशानी ट्रांसपोर्टिंग को लेकर आ रही है।

रायपुर. जयपुर की तर्ज पर अब यहां भी आवश्यक सेवाओं के लिए गाडिय़ों को विशेष पास करने की मांग उठ रही है। राजधानी से 15 किमी. दूर सबसे बड़े थोक बाजार डूमरतराई में किराना का भरपूर स्टॉक हैं। इसी तरह स्थानीय सब्जियों के उत्पादन से अब शहर की डिमांड पूरी की जा रही है। बाहरी राज्यों से आवक घटकर 20 से 30 फीसदी पर सिमट चुकी है।

थोक कारोबारियों का कहना है कि यदि दूसरे राज्यों से किराना और सब्जियों की सप्लाई पूरी तरह बंद भी हुई तो हमारे पास डेढ़ महीने का स्टॉक है, लेकिन अभी सबसे बड़ी परेशानी ट्रांसपोर्टिंग को लेकर आ रही है। जगह-जगह सीमाएं सील होने की वजह से गाडिय़ां शहर तक नहीं पहुंच पा रही है, जिसकी वजह से बाजार में महंगाई देखी जा रही है। यही आलम थोक सब्जी बाजार में भी है। राज्यों के भीतर बड़े और छोटी बाडिय़ों, फॉर्म हाउस में भरपूर सब्जियां है, लेकिन यह सब्जियां बाडिय़ों से नहीं निकल पा रही है।

दूसरे राज्यों से सप्लाई अब 70 फीसदी घट चुकी है। अभी सबसे बड़ी परेशानी राज्य के भीतर ट्रांसपोर्टिंग को लेकर आ रही है। थोक बाजारों में अनाज और किराना सामान तो हैं, लेकिन इसकी सप्लाई गली-मोहल्ले के दुकानों तक नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से चिल्हर में महंगाई आ रही है। इस परेशानी को लेकर अब थोक कारोबारियों ने जिला व पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अनाजों व सब्जियों के लिए आने वाली गाडिय़ों को विशेष पास दिया जाए, जिससे वाहनों की पुष्टि हो सके। महाराष्ट्र से दालों की सप्लाई लगभग बंद होने के बाद भी दालों की कीमतों में बड़ा उछाल नहीं है।

रहर दाल 100 के नीचे

राहर दाल की कीमतें चिल्हर बाजार में अभी भी 100 रूपए प्रति किलो से नीचे है। अच्छी क्वालिटी का राहर दाल अभी भी 70 से 90 रूपए में बिक रहा है। थोक व रिटेल कारोबारियों का कहना है कि अनाजों की गाडिय़ों को पूर्णत: प्रतिबंधित करने से यह कीमतें चिल्हर में प्रति किलो 200 रूपए तक भी जा सकती है।

लौकी 3 और गोभी 8 रूपए किलो

डूमरतराई थोक बाजार में बुधवार को सब्जियों की कीमतें सामान्य रही। लौकी 3 और गोभी 8 रूपए किलो में बिका। इसी तरह टमाटर की कीमतें थोक में 8 से 15 रूपए प्रति किलो है। थोक में कीमतें सामान्य रहने के बाद भी चिल्हर बाजार में जबरदस्त मुनाफखोरी की वजह से ग्राहकों को प्रति किलो 10 से लेकर 30 रूपए महंगी सब्जी मिल रही है।

गोलबाजार में गेहूं आटा का स्टॉक खत्म

गोलबाजार में बुधवार को गेहंू आटा का स्टॉक खत्म हो गया। कारोबारियों ने बताया कि यहां लोगों को महीनेभर का स्टॉक ले लिया है। डूमरतराई में स्टॉक हैं, लेकिन व्यवसायिक वाहन नहीं मिलने और जांच-पड़ताल की वजह से कारोबारी माल नहीं मंगा पा रहे हैं। 130 से 150 रूपए आटा पैकेट की अब ब्लैक मार्केटिंग की वजह से कई स्थानों पर 200 रूपए में भी बेचा जा रहा है।

बाजार में किराना सामानों का भरपूर स्टॉक हैं, जो कि एक से डेढ़ महीने तक चल सकता है, लेकिन रिटेलरों की गाडिय़ां बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है। दूसरे राज्यों की सप्लाई नहीं के बराबर है। भाटापारा से दाल, धमतरी से चावल की गाडिय़ां बाजार नहीं पहुंच पा रही है। प्रशासन से मांग है कि गाडिय़ों को विशेष पास जारी किया जाए, ताकि महंगाई ना आए।
राम मंधान

अध्यक्ष, डूमरतराई थोक किराना व्यापारी संघ


गोलबाजार में गेहूं आटा का स्टॉक खत्म हो चुका है। डूमरतराई से रिटेलर की गाडिय़ों की आवाजाही बंद होने की वजह से यह समस्या आई है।

दिनेश साहू
अध्यक्ष, गोलबाजार व्यापारी संघ

सब्जियों की डिमांड अब स्थानीय उत्पादन से पूरी की जा रही है। प्रशासन से अपील है कि सब्जियों की गाडिय़ों को आवाजाही से छूट प्रदान करें। स्थानीय बाडिय़ों में भरपूर उत्पादन है, लेकिन ये सब्जियां बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है।
श्री निवास रेड्डी

प्रवक्ता, थोक सब्जी व्यापारी संघ, डूमरतराई

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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