पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ से सिंधी समाज में आक्रोश, PM से करेंगे रोक लगाने की मांग

सिंध पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सिंधी और सिख समाज के धर्म स्थलों को निशाना बनाए जाने और लूटमार की घटना से समाज में रोष है।

By: Ashish Gupta

Updated: 19 Sep 2019, 05:37 PM IST

रायपुर. सिंध पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सिंधी और सिख समाज के धर्म स्थलों को निशाना बनाए जाने और लूटमार की घटना से समाज में रोष है। पाकिस्तान के घोटकी शहर में हुई इस घटना से आक्रोशित सिंधी समाज छत्तीसगढ़ की एक आपात बैठक पूज्य सदाणी दरबार पंडरी में संत युधिष्ठिर लाल की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 20 सितंबर को राजधानी के बूढ़ापारा में पूरे समाज में धरने पर बैठने का ऐलान किया है।

अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हमले की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। बूढ़ा पारा में दोपहर 2 से 4 बजे तक धरना देकर समाज के लोग प्रदेश के राज्यपाल को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर पाकिस्तानी करतूत पर पाबंदी लगाने की मांग करेंगे।

साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन सौंपकर घटनाओं से अवगत कराएगा। धरने में शहर के सभी समाज के लोगों और बुद्धिजीवियों से शामिल होने का आह्वान किया गया है। बैठक में सिंधी समाज के पंचायतों के मुखी पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।

समाज के 21 सदस्यीय समिति गठित
छत्तीसगढ़ सिंधी समाज के इस धरने में सर्व समाज के लोग शामिल होंगे, जिसमें सभी राजनीतिक दल, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक पदाधिकारी और सदस्य विरोध दर्ज कराएंगे। इस आंदोलन के संचालन के लिए सिंधी समाज ने 21 सदस्य कमेटी गठित किया है, जिसमें वरिष्ठ रमेश वल्र्यानी, श्रीचंद सुंदरानी, आनंद कुकरेजा, किशोर आहूजा, अमर परवानी, सुभाष बजाज, अमर गिदवानी, ललित जैसिंध, भरत बजाज, अनेश बजाज, दौलत रोहरा, जितेंद्र बड़वानी, रमेश मिर्धानी, कन्हैया लाल छुगानी, राजू तारवानी, मनोज डेगवानी, भरत पमनानी, मन्नूमल पृथ्वानी, अमर कट्टर, लालचंद गुलवानी शामिल हैं।

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