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श्रम बल में छत्तीसगढ़ की महिलाओं की भागीदारी देश में दूसरे नंबर पर

देश के श्रम बल में महिलाओं का एलएफपीआर 24.5 से बढ़कर 30 फीसदी हुआ अधिक रोजगार नहीं मिला
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रायपुर

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Anupam Rajiv Rajvaidya

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Updated: 5 Aug 2021, 2:07 AM IST

श्रम बल में छत्तीसगढ़ की महिलाओं की भागीदारी देश में दूसरे नंबर पर

श्रम बल में छत्तीसगढ़ की महिलाओं की भागीदारी देश में दूसरे नंबर पर

रायपुर. श्रम बल सर्वेक्षण के मुताबिक छत्तीसगढ़ की महिलाओं की भागीदारी श्रम बल में देश में दूसरे नंबर पर रही है। छत्तीसगढ़ की महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी 53.1 प्रतिशत है। श्रम बल में महिलाओं की सबसे अच्छी रिकॉर्डिंग हिमाचल प्रदेश में 65 फीसदी रही है।

सिर्फ इस जिले में कोरोना संक्रमण की दर एक फीसदी से ज्यादा
हाल में जारी श्रम बल सर्वेक्षण के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 में 15 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी दर (एलएफपीआर) 5.5 फीसदी बढ़कर 24.5 फीसदी से 30 फीसदी तक पहुंच गई। इस दौरान श्रम बल में पुरुषों की भागीदारी केवल 1.3 फीसदी बढ़ी यानी यह 75.5 फीसदी से 76.8 फीसदी हो गई। वित्त वर्ष 2019-20 में वित्त वर्ष 2018-19 के मुकाबले महिला श्रमिकों की संख्या 29 फीसदी बढ़ी।
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महिला श्रमिकों की संख्या में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब देश में बेरोजगारी दर चरम पर थी और तेजी से बढ़ रही थी। वहीं देश की अर्थव्यवस्था भी कोरोना वायरस महामारी की चपेट में थी और ग्रोथ रेट में लगातार गिरावट आ रही थी। बता दें कि श्रम बल में 30.70 करोड़ पुरुष और 11.98 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी बढऩे का यह मतलब नहीं है कि उन्हें अधिक रोजगार या नौकरी मिली है, बल्कि इस सर्वेक्षण में कामकाजी महिलाओं के डेटा की रिकॉर्डिंग अच्छी तरह हुई है।
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