कोरोना संक्रमण कम होते ही अस्पतालों में 3 गुना बढ़े मरीज

- एम्स, डीकेएस और आंबेडकर अस्पताल की नियमित ओपीडी में दूसरे राज्यों से भी आ रहे मरीज .

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 12 Jul 2021, 12:42 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर में कमी आने के बाद एम्स, डीकेएस और आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में आने वाले सामान्य मरीजों की संख्या में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है। ओपीडी में आने वाले मरीजों के खून जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन एवं एमआरई जांच में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे लंबी लाइन लग रही है।

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शासकीय अस्पतालों के सभी विभागों में कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करते हुए नान कोविड तथा पोस्ट कोविड ओपीडी में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आंबेडकर अस्पताल में विगत एक-डेढ़ माह पहले जहां ओपीडी में औसतन रोजाना 700 से 800 मरीज आते थे, वहीं संख्या अब बढ़कर 2500 से अधिक हो गई है। जनरल सर्जरी विभाग, अस्थि रोग विभाग, कार्डियोलॉजी विभाग, हार्ट चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग, कैंसर विभाग, मेडिसिन विभाग, एनेस्थीसिया विभाग, ईएनटी विभाग, नेत्र रोग विभाग, दंत रोग विभाग, मनोरोग विभाग, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, त्वचा एवं रतिज रोग, रेडियोलॉजी विभाग, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी एवं पैथोलॉजी विभाग की ओपीडी में लंबी लाइन लग रही है। डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की ओपीडी जहां 100 से 150 की होती थी, वहां अब 300 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। न्यूरो सर्जरी विभाग में सिर्फ हेड इंजरी के रोजाना 30-35 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि पिछले दिनों इनकी संख्या 5 से 7 रहती थी। 30 बिस्तरों वाले न्यूरो सर्जरी विभाग में अब बेड की कमी होने लगी है, जिससे मरीजों को दूसरे डिपार्टमेंट के वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।

दो विभागों की ओपीडी पंडरी एवं कालीबाड़ी में
आंबेडकर अस्पताल के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बन जाने के कारण यहां के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का संचालन वर्तमान में जिला अस्पताल पंडरी में हो रहा है। वहीं, बाल्य एवं शिशु रोग विभाग का संचालन कालीबाड़ी मातृ एवं शिशु अस्पताल में किया जा रहा है।

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एम्स में कोविड के बैड कम कर अन्य मरीजों को दी गई सुविधा
एम्स में जून में लॉकडाउन से राहत मिलने के बाद ब्रॉड स्पेशियल्टी में 50 तथा सुपर स्पेशियल्टी में 20 मरीजों को देखने से शुरुआत की गई थी। एक सप्ताह बाद ही मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए इसे दोगुनी कर दी गई। 7 जून को ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 796 थी जो 16 जून को 1213 तक पहुंच गई थी। वर्तमान में ओपीडी में औसतन रोजाना 1500 से मरीज आ रहे हैं। जनरल मेडिसिन, ईएनटी के अलावा स्त्री रोग, नेत्र रोग, अस्थि रोग और बाल रोग विभाग में ज्यादा मरीज आ रहे हैं। एम्स के कोविड वार्ड में बेड की संख्या 500 से घटाकर 300 कर दिया गया है। इन अतिरिक्त बेड को अन्य विभागों में आ रहे आईपीडी रोगियों के लिए उपलब्ध कराया गया है। एम्स में टेलीमेडिसिन की सुविधा भी जारी है, जिसमें 100 से ज्यादा मरीज रोजाना सलाह ले रहे हैं।

कोविड की दूसरी लहर के बाद ओपीडी के क्रियाशील होने पर मरीजों की संख्या को सीमित किया गया था, जिसे अब और अधिक बढ़ा दिया गया है। फिलहाल ओपीडी खुलने के बाद मरीजों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
- डॉ. नितिन एम नागरकर, निदेशक, एम्स, रायपुर

मरीजों की संख्या जून में ही बढऩी शुरू हो गई थी। लॉकडाउन के दौरान भी ओपीडी संचालित थी, लेकिन दूर-दराज के मरीज नही पहुंच पाते थे। संक्रमण से राहत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ समेत दूसरे राज्यों से मरीज आ रहे हैं।
- डॉ. विनीत जैन, अधीक्षक, आंबेडकर अस्पताल

लॉकडाउन के बाद सड़क हादसे काफी बढ़ गए हैं, यही कारण है कि हेड इंजरी के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। अन्य डिपार्टमेंटों की ओपीडी भी दोगुनी हो गई है। कोरोना संक्रमण के डर से लोग अस्पाल नही आ रहे थे।
- डॉ. हेमंत शर्मा, उप अधीक्षक, डीकेएस अस्पताल

आंबेडकर अस्पताल में विगत 8 दिनों की ओपीडी
दिनांक मरीज

1 जुलाई 2570
2 जुलाई 2567

3 जुलाई 2128
5 जुलाई 3554

6 जुलाई 2982
7 जुलाई 2881

8 जुलाई 2789

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Bhupesh Tripathi
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