Patrika Master Key: माइंड किसी काम को सोच सकता है, तो उसे पूरा भी कर सकता है

स्वर्णिम भारत अभियान के तहत रविवि की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रोली तिवारी दे रहीं टिप्स

By: Bhawna Chaudhary

Published: 19 Mar 2020, 04:39 PM IST

रायपुर. परीक्षा में सफलता के लिए लक्ष्य तय कीजिए। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए छोटे-छोटे स्टेप्स में काम कीजिए। कठिन विषयों से दोस्ती कीजिए, क्योंकि सरल लगने वाले विषय तो अपनी हैं ही । इसे इस रूप में समझिये - कि दिन के 12 घंटों को सोने, खाने, अन्य कामों के लिए रखिए। बचे हुए 12 घंटों में से 60 प्रतिशत कठिन विषयों को पढऩे- समझने में, 30 प्रतिशत मौड्रेट अंडरस्टैंडिंग वाले विषयों में और 10 प्रतिशत सरल लगने वाले विषयों को दीजिए, क्योंकि हमें सर्वश्रेष्ठ होने के लिए कठिन से दोस्ती करनी है लेकिन सरल को भूलना नहीं है ।

Patrika Master Key: माइंड किसी काम को सोच सकता है, तो उसे पूरा भी कर सकता है

विषय के कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस पर ध्यान दीजिए। अगर आपका कॉन्सेप्ट क्लियर है तो आप विषय को अपनी समझ और कौशल से नये उदाहरणों के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं। याद रखिए प्रतिस्पर्धा के इस युग में वही सफ़ल है जिसमें इनोवेटिव आइडियाज़ है।

ध्यान रखें कि यदि आपका मस्तिष्क किसी कार्य को सोच सकता है तो उसे पूरा भी कर सकता है । आवश्यकता है तो केवल इच्छाशक्ति की। जब भी आप किसी कार्य को करने के लिए तत्पर होते हैं तो आप अपने मस्तिष्क को पॉजिटिव कमांड दे रहे होते हैं और वह उस कार्य को करने के लिए आपको आइडियाज़ देना प्रारंभ कर देता है और आपके रास्ते खुद ब खुद बनते जाते हैं।

लेकिन जैसे ही आप किसी कार्य की शुरुआत में स्वयं से या किसी के सामने यह कहते हैं कि पता नहीं कैसे होगा? यह कार्य पूरा होगा भी या नहीं, कह नहीं सकते ? तो आप अपने मस्तिष्क को संशय की स्थिति में ला रहे होते हैं और मस्तिष्क उस कार्य पर अपना 100 प्रतिशत ना देकर किसी और कार्य में लग जाता है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को इस स्थिति से बचना चाहिए।

Patrika Master Key: माइंड किसी काम को सोच सकता है, तो उसे पूरा भी कर सकता है

मन में नेगेटिविटी आई तो खेल खत्म
असिस्टेंट प्रोफेसर, अवधूत विनायक जोशी ने बताया आप जो भी करें अच्छे से करें। जीवनभर हम बहुत कुछ सीखते हैं लेकिन ये दौर फिर नहीं आएगा। जब भी पढ़ाई करें पूरे मन से। पढ़ाई के लिए टाइमिंग नहीं फोकस्ड मायने रखता है। अपनी स्ट्रेटजी ऐसी हो कि परीक्षा के एक दिन पहले सिर्फ रिवीजन हो। नोट्स बनाते वक्त हमेशा यही ध्यान रखें कि एग्जाम के एक दिन पहले यही काम आएगा। हालांकि पूरा सिलेबस पढ़ा जाना चाहिए लेकिन इम्तिहान के वक्त इतना टाइम नहीं रहता। पेपर तभी अच्छा जाएगा जब पढ़ाई टेंशनफ्री हो। नींद पूरी हो। मन में नेगेटिविटी आई तो खेल खत्म। पढ़ाई में ब्रेक लें और माइंड को फ्रेश रखने के लिए म्यूसिक सुनें।

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