पत्रिका मास्टर की: वक्त चिंता का नहीं बल्कि ठंडे दिमाग से जरूरी चीजों को पढ़ने का है

इन दिनों सीबीएसई और सीजी बोर्ड के एग्जाम चल रहे हैं। परीक्षा के माहौल में तनाव स्वाभाविक है। आईएफएस नवेद सुजाउद्दीन ने परीक्षा के समय बच्चों को मोटिवेट किया, टेंशन न लेने की सलाह दी।

By: Ashish Gupta

Published: 07 Mar 2020, 07:22 PM IST

रायपुर. इन दिनों सीबीएसई और सीजी बोर्ड के एग्जाम चल रहे हैं। परीक्षा के माहौल में तनाव स्वाभाविक है, लेकिन इससे सिवाय नुकसान के कुछ हासिल नहीं होता। पत्रिका समूह के 65वें स्थापना दिवस और स्वर्णिम भारत अभियान में शहर की कुछ हस्तियों ने परीक्षार्थियों को मोटिवेट करते हुए कूल माइंड से पढ़ाई करने के लिए कहा।

साथ ही पैरेंट्स से भी अपील करते हुए उन्हें बच्चों पर गैरजरूरी तनाव क्रिएट नहीं करने की सलाह दी। सभी ने अपनी पढ़ाई के दौर को याद किया और बताया कि पेपर के वक्त एक अनचाहा प्रेशर रहता है लेकिन अगर आप टाइम मैनेजमेंट और खुद पर यकीन करें तो पर्चे अच्छे जाएंगे, लिहाजा सारे टेंशन छोड़ डेडिकेशन के साथ पढ़ाई करें, मनचाहे माक्र्स मिलेंगे।

आईएफएस नवेद सुजाउद्दीन ने बच्चों को मोटिवेट करते हुए कहा, चूंकि एग्जाम शुरू हो चुके हैं। अब वक्त चिंता का नहीं बल्कि ठंडे दिमाग से सिर्फ जरूरी चीजों को पढ़ने का है। हालांकि पेपर के वक्त थोड़ा स्ट्रेस जरूरी भी है, इससे आप पूरी तरह फोकस्ड होते हैं। उतना ही लें जितना लेना चाहिए। ज्यादा तनाव लेंगे तो परफॉर्मेंस डाउन हो जाएगा। अभी से रैंक या परसेंट की फिक्र करना भी सही नहीं है। जो टाइम बचा है उसमें क्या बेस्ट किया जा सकता है वही करें।

कुछ दिनों के लिए टीवी, मोबाइल और इंटरनेट से दूरी बनाए रखें, हालांकि स्टडी के हिसाब से इनका यूज कतई बुरा नहीं है। स्मार्ट स्टडी में इनकी अहम भूमिका होती है। खाना वक्त पर खाएं और नींद पूरी लें। बे्रन एक्टिव रहे इसके लिए तंदुरुस्ती भी जरूरी है। जीवन में परीक्षाएं महत्वपूर्ण है लेकिन फ्यूचर एक एग्जाम पर नहीं टिका होता। लाइफ तो अपॉर्चुनिटी का खजाना है। बेहतर यही है कि आप नतीजे खासतौर पर निगेटिविटी पर न सोचें।

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Ashish Gupta Desk
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