पत्रिका मास्टर की: जिंदगी की शुरुआत है इम्तिहान, अंत नहीं इसलिए टेंशन न लें

पत्रिका समूह के 65वें स्थापना दिवस और स्वर्णिम भारत अभियान में शहर की कुछ हस्तियों ने परीक्षार्थियों को मोटिवेट करते हुए कूल माइंड से पढ़ाई करने के लिए कहा।

By: Ashish Gupta

Updated: 07 Mar 2020, 06:17 PM IST

रायपुर. इन दिनों सीबीएसई (CBSe) और सीजी बोर्ड (CG Board) के एग्जाम चल रहे हैं। परीक्षा के माहौल में तनाव स्वाभाविक है, लेकिन इससे सिवाय नुकसान के कुछ हासिल नहीं होता। पत्रिका समूह के 65वें स्थापना दिवस और स्वर्णिम भारत अभियान (Swarnim Bharat Abhiyan) में शहर की कुछ हस्तियों ने परीक्षार्थियों को मोटिवेट करते हुए कूल माइंड से पढ़ाई करने के लिए कहा।

साथ ही पैरेंट्स से भी अपील करते हुए उन्हें बच्चों पर गैरजरूरी तनाव क्रिएट नहीं करने की सलाह दी। सभी ने अपनी पढ़ाई के दौर को याद किया और बताया कि पेपर के वक्त एक अनचाहा प्रेशर रहता है लेकिन अगर आप टाइम मैनेजमेंट और खुद पर यकीन करें तो पर्चे अच्छे जाएंगे, लिहाजा सारे टेंशन छोड़ डेडिकेशन के साथ पढ़ाई करें, मनचाहे माक्र्स मिलेंगे।

ये कोई आखिरी एग्जाम नहीं
आईजी प्रदीप गुप्ता ने बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे स्टूडेंट्स को सुझाव देते हुए कहा कि परीक्षाएं तनाव का कारण होती है। जरूरी नहीं कि हम जिस सरलता से कहें कि स्ट्रेस न लें उसे परीक्षार्थी भी एक्सेप्ट करे। मैं स्ट्रेस को जरूरी मानता हूं किसी भी एग्जाम में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए लेकिन इतनी चिंता भी किसी काम की नहीं जो आपको दिमागी संतुलन और एकाग्रता को भंग कर दे।

अब चूंकि कोई परीक्षा यदि निर्णायक है जिससे आपका कॅरियर टिका हो तो एक हद तक टेंशन लाजिमी है लेकिन यह कोई आखिरी परीक्षा तो नहीं। अब आपके पास इतना वक्त भी नहीं कि सालभर की पढ़ाई को कुछ दिन या चंद घंटों में समेट लें, बेहतर यही है कि जितना पढ़ा उसे प्रॉपर तरीके से रिवीजन करें। सबसे जरूरी है कि हर चीज कूल माइंड से हो न कि नतीजों की परवाह करते हुए। परीक्षा के वक्त तनाव से निजात दिलाने में संगीत बहुत कारगर उपाय है। 

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Ashish Gupta Desk
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