पांडुका और फिंगेश्वर क्षेत्र में दंतैल, दहशत में लोग

हाथियों से बचने गांवों में कराई जा रही मुनादी

By: dharmendra ghidode

Published: 03 May 2021, 05:59 PM IST

गरियाबंद. दो माह पूर्व गरियाबंद जिले के पांडुका परिक्षेत्र व फिंगेश्वर के गांव की गलियों से होते हुए दो नर दंतैल हाथी महासमुंद जिला में प्रवेश किए थे। एक बार फिर उनके आने से क्षेत्र व जिले में दहशत है। ये हाथी बिरोड़ा व सरकड़ा की गलियों से चलते हुए से महासमुंद पार किया था। फिलहाल ये हाथी फिंगेश्वर के कुछ गांव में रबी फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचे हुए फुलझर के जंगलों में पहुंच गए हैं।
वन रक्षक ने बताया हाथियों का दल सुखरी डबरी गोल्डन नाला के पास पहुंचा दिनभर जंगल में रहा और शाम होते ही मुरमुरा के ऊपर भैसामुंडा बांध के समीप पहुंच गया। हालांकि गांव फुलझर, जमाही मुरमुरा, साकरा, तौरंगा, कुसुम पानी, दीवाना, गायडबरी, तालेसर पिपारछेड़ी आदि वन ग्रामों में सूचना देकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। वन विभाग की टीम हाथी दल के विचरण पर नजर बनाए हुए हैं।
हाथियों से बचने के उपाय
हाथियों से दूरी बनाए रखें। जंगलों की ओर ना जाएं। जंगल से लगे हुए घर के लोग किसी पक्के मकान पर चले जाएं। पटाखे का इस्तेमाल ना करें। इस प्रकार के तमाम सुरक्षा बताए गए हैं। साथ ही अभी एक ही नर दांतेल पहुंचा। इसके पीछे पीछे एक और नर आता होगा, ऐसा कयास लगाया जा रहा है। क्योंकि जब गए थे तो दो थे अब वापस एक आए हैं तो अभी एक है पीछे-पीछे आता होगा। इसलिए ग्रामीणों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य भी पिछले 2 दिन से चल रहा है। जिले में हाथियों ने अब तक लगभग 6 ग्रामीणों को मौत के घाट उतार चुके हैं। उसके बाद से लोग जंगल में हाथी देखने जाने या फिर खदेडऩे कीदुस्साहस करते हैं> जिस वजह से लोग इसकी चपेट में आकर जान गंवा बैठते हैं।

सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। सायरन भी बजाया जा रहा है तथा हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं।
जे. आर. गादेकर,
वन परिक्षेत्र अधिकारी, पांडुका

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