कंटेनमेंट जोन में पतंगबाजी, घूम रहे लोग, दुकानें भी खुल रही हैं... इसलिए इन क्षेत्रों से ही मिल रहे संक्रमित

- बड़ा सवाल- आखिर कब तक पुलिस डंडा लेकर खड़ी रहेगी, क्या हम डंडे की भाषा समझेंगे ।
- जिम्मेदारी कौन ले- मोहल्ले, कॉलोनी और अपार्टमेंट वाले जिम्मेदारी लें कि कंटेनमेंट की गतिविधियां रोकेंगे। कोई घूमता हुआ मिलता है तो पुलिस में और १०४ पर शिकायत करेंगे। जब कार्रवाई होगी तब बाकियों में सुधार आएगा।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 04 Aug 2020, 06:20 PM IST

रायपुर. प्रदेश की राजधानी रायपुर कोरोना का हॉट स्पॉट बनी हुई है। जहां 18 मार्च को पहला मरीज मिला, 31 मई तक सिर्फ 15 मरीज रिपोर्ट थे और 30 जून तक संख्या 324 तक ही पहुंची थी। वहां 2 अगस्त तक संक्रमित मरीजों की संख्या 3,113 और इनमें से 1,267 एक्टिव मरीज हैं। अब तक यहां 29 लोगों की जान चुकी है। लॉकडाउन लगा हुआ है। इन सबसे बावजूद लोगों में कोरोना महामारी को लेकर डर-भय नहीं है। स्थिति यह है कि कंटेनमेंट जोन में लोग मिल-जुल रहे हैं। घर की छत से नहीं बल्कि सड़क पर निकलकर पतंग उड़ा रहे हैं। बैठकें हो रही हैं। आना-जाना बदस्तूर जारी है। यही वजह है कि कंटेनमेंट जोन से बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं।

'पत्रिका' ने इन्हीं लापरवाहियों को लेकर पड़ताल की। स्वास्थ्य विभाग की ही रिपोर्ट बताती है कि रामकुंड कंटेनमेंट जोन से शनिवार और रविवार को 1, कबीरनगर से 1, हीरापुर से 1, सिद्धार्थ चौक से 1, परशुराम नगर प्रोफेसर कॉलोनी से 1, मौलश्री विहार से 1, प्रगति नगर से 2, समता कॉलोनी से 2 संक्रमित मिले हैं। वहीं हॉट स्पॉट कंटेनमेंट जोन माना बस्ती, मंगलबाजार, रामकुंड, सदाणी दरबार से लगातार मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। कोरोना फैलने की वजह लापरवाही ही है।

कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम ने बैठक में रखी बात
सूत्रों के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में हो रहे नियमों के उल्लंघन की बात प्रदेश और जिले की कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम ने बैठकों में रखी है। जिसे लेकर सभी जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित भी किया गया है कि वे नियमों का पालन करवाएं। मगर, पुलिस भी कब तक कहां-कहां तैनात रहेगी। क्योंकि रायपुर में तो २५० से अधिक कंटेनमेंट जोन हैं। पुलिस के सामने चुनौती यह भी है कि जवानों को संक्रमण से बचाना क्योंकि वे भी बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं।
सुविधा के लिए ही घटाया कंटेनमेंट जोन का दायरा

शुरुआत में एक मरीज के भी मिलने से कंटेनमेंट जोन ३ किमी का होता था। मगर, यह वक्त के साथ बहुत छोटा कर दिया गया है ताकी बाकी लोगों को असुविधा न हो। अब तक सिर्फ गली, यहां तक की घर ही कंटेनमेंट जोन बन रहे हैं।

कंटेनमेंट जोन, जहां नियम टूटे और हुआ कोरोना ब्लॉस्ट

केस-१
मंगल बाजार
राजधानी रायपुर का मंगल बाजार क्षेत्र यहां से अब तक १५० से अधिक मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं। दो लोगों की जान जा चुकी है। यह २ से ढाई किमी की परिधि वाला क्षेत्र बीते २० दिनों से सील है। घर से निकलने तक पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके स्थानीय लोग नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। युवा चौक पर जुट रहे हैं। बिना मास्क के मिल-जुल रहे हैं।

केस-२
पुरानी बस्ती के सामने का क्षेत्र
पुरानी बस्ती थाना चौक से कंकाली तालाब की तरफ जाने वाली सड़क बंद है, क्योंकि यहां मरीज मिले हैं। मगर लोगों में जरा भी यह भय नहीं हैं कि वे संक्रमित हो जाएंगे। बच्चे पतंगबाजी कर रहे हैं। आना-जाना लगा हुआ है। राखी के दिन बेकरी और कपड़ा दुकान खुली हुई थी। सबसे हैरत में डालने वाली बात यह है कि यह कंटेनमेंट जोन थाना पुरानी बस्ती के ठीक सामने है। यहां के लोगों को पुलिस का भी डर नहीं है।

केस-३
सदाणी दरबार
इन दिनों कोरोना का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट सदाणी दरबार बना हुआ है। यहां अब तक तकरीबन ८० मरीज मिल चुके हैं। यहां भी दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। यहां के कई संक्रमित मरीज शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इन सबसे बावजूद लोग महामारी से बचाव के लिए बनाए गए नियमों को ताक पर रख रहे हैं। यही वह कंटेनमेंट जोन है, जहां से कुछ मरीजों ने अस्पताल में भर्ती होने से मना किया। तीन-तीन बार एंबुलेंस लौटाई गई। ये अंतत: भर्ती हुए ही नहीं।

कंटेनमेंट जोन का दायरा पहले की तुलना में छोटा किया गया है, ताकी लोगों को असुविधा न हो। शासन-प्रशासन तो अपनी तरफ से जागरूक करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लोगों की समझदारी दिखाने और सतर्कता बरतने की जरुरत है।
डॉ. सुभाष पांडेय, प्रवक्ता एवं संयुक्त संचालक, रायपुर

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