तीन दशक से मरम्मत के लिए तरस रहा पीएचई का आवासीय भवन

देवभोग. सिंचाई विभाग का आवासीय भवन तीन दशक से मरम्मत के लिए तरस रहा है। करीब चार दशक पहले निर्माण किए गए कालोनी के सभी आवासीय भवन जर्जर हो चुके हैं।

देवभोग. सिंचाई विभाग का आवासीय भवन तीन दशक से मरम्मत के लिए तरस रहा है। करीब चार दशक पहले निर्माण किए गए कालोनी के सभी आवासीय भवन जर्जर हो चुके हैं। हालात यह है कि खिड़की, दरवाजा सहित भवन के ऊपर ड़ाले बत्ते और लकडिय़ां पूरी तरह सड़ चुकी है। इसके बाद भी मरम्मत को लेकर विभाग के जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है। मजबूरीवश सिंचाई विभाग के कर्मचारी कमरों के ऊपर तालपत्री डालकर रहते हैं।
बरसात के दिनों में टपकता है पानी
बरसात के दिनों में कमरों से पानी टपकना शुरू हो जाता है। विभाग के इंजीनियर किसी तरह बरसात के दिनों में भी जर्जर कमरों में रहने को मजबूर रहते हंै। विभाग के एसडीओ आर.के.सिंघई ने कहा कि भवन को मरम्मत की आवश्यकता है. उन्होंनेइसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है।
पीएचई दफ्तर एक कमरे में सिमटा
ब्लाक का पीएचई विभाग का दफ्तर बहुत जर्जर स्थिति में है। यहां भवन की स्थिति इतनी ज्यादा खस्ताहाल हो गई हैं कि यहां दफ्तर लगाना भी विभागीय अधिकारियों के लिए मुश्किल हो गया है। ऐसी स्थिति में एक छोटे से कमरे में विभाग का दफ्तर लगाकर कामकाज किया जा रहा है। विभाग के एसडीओ अरुण कुमार भार्गव का कहना है कि पीएचई का भवन बहुत ज्यादा जर्जर हो चुका है। ऐसी स्थिति में दफ्तर से लगा हुआ एक कमरे में आफिस लगाकर कामकाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भवन के विषय में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।

dharmendra ghidode Desk/Reporting
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