
प्लास्टिक बैन पर नया कानून: अगर किसी ने की ये गलती तो होगी 5 साल की जेल और 1 लाख जुर्माना
रायपुर. शादी-ब्याह और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक जैसे डिस्पोजल, थाली, कप, गिलास, प्लेट, कटोरी, चम्मच सहित केटरिंग के लिए उपयोग होने वाले अन्य प्लास्टिक उत्पादों की खरीदी-बिक्री, विर्निमाण, भंडारण प्रतिबंधित (Plastic ban in india) रहेगा। प्लास्टिक पर (plastic items ban) सख्ती को लेकर राज्य सरकार (plastic ban in chhattisgarh) के नए कानून में कुछ नए प्रावधान शामिल किए गए हैं।
नए कानून में अधिकतम 1 लाख रूपए जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है, वहीं अधिकतम 5 साल सजा भी हो सकती है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध के संबंध (plastic pollution) में इससे पहले राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद अब आवास एवं पर्यावरण विभाग की ओर से नया कानून तैयार किया गया है, जिसमें नए नियमों को शामिल किया गया है। पर्यावरण विभाग की ओर से शीघ्र ही यह कानून अधिकृत रूप से जारी कर दिया जाएगा। प्लास्टिक कैरी बैग्स सहित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती के लिए कड़े जुर्माने का प्रावधान भी प्रस्तावित है, ताकि ऐसे कार्यों की दोबारा पुनरावृत्ति ना हो।
राज्य स्तरीय निगरानी समिति
एनजीटी के नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के प्रावधानों के पालन के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति का भी गठन किया गया है। समिति की जानकारी में यह बात आई थी कि विर्निमाता, दुकानदार व खरीददार राज्य सरकार के प्लास्टिक प्रबंधन नियम-2016 का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके बाद नए कानून की जरूरतों पर भी मई महीने से कवायद चल रही है।
सभी प्रकार के प्लास्टिक के विर्निमाता, व्यापारी एवं विक्रेता उनके द्वारा विनिर्मित एवं विक्रित किए गए सभी प्रकार के प्लास्टिक सामग्री के संबंध में विर्निमाता द्वारा हस्ताक्षरित स्टाम्प पेपर पर एक वचन-पत्र प्राप्त करेंगे कि अल्पजीवन पीवीसी एवं क्लोरीनयुक्त प्लास्टिक या किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग इस उत्पाद के विर्निमाण में नहीं किया गया है। कम से कम 100 रूपए के स्टॉम्प पेपर में यह शपथ-पत्र पर्यावरण विभाग में प्रस्तुत करना होगा।
केटरिंग व प्रचार-प्रसार में प्लास्टिक पर प्रतिबंध
नए ड्रॉप्ट के मुताबिक प्रचार-प्रसार सामग्री में भी प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगेगा। नए नियम के मुताबिक कोई भी उद्योग, प्लास्टिक कैरी बैग, अल्प जीवन पीवीसी, क्लोरोनेटेन प्लास्टिक से बने विज्ञापन एवं प्रचार सामग्रियों का विर्निमाण नहीं करेगा, वहीं कोई भी व्यक्ति जिसमें विज्ञापनकर्ता, दुकानदार, वेंडर, थोक या खुदरा विक्रेता, व्यापारी फेरीवाला आदि शामिल हैं। प्लास्टिक कैरी बैग, अल्प-जीवन पीवीसी तथा क्लोरोनेटेन प्लास्टिक से बने विज्ञापन एवं प्रचार सामग्रियों तथा केटरिंग के लिए प्रयुक्त प्रचार सामग्रियों का विर्निमाण, भंडारण, आयात, विक्रय, परिवहन तथा उपयोग नहीं करेगा।
1. सभी ऐसी प्लास्टिक सामग्री पर निम्नलिखित विवरण मुद्रित होगा : विर्निर्माता क नाम, पंजीकरण क्रमांक, प्लास्टिक सामग्री का प्रकार।
2. पुर्नचक्रित प्लास्टिक पर नीचे दर्शाए अनुसार पुर्नचक्रित लेवल व चिन्ह होगा, तथा भारतीय मानक आईएस-14534-1998 शीर्षक प्लास्टिक के पुर्नचक्रण के लिए दिशा-निर्देश (समय-समय यथा संशोधित) के अनुरूप होंगे।
जानकारी के मुताबिक देश के छत्तीसगढ़ सहित 19 राज्यों में प्लास्टिक पर प्रतिबंध कायम है। यह बात अलग है कि प्लास्टिक पर प्रतिबंध सख्ती से लागू नहीं किया जा सका है। उत्तरप्रदेश में भी तीसरी बार प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए नियम जारी किया गया। यहां भी 1 लाख रूपए तक का जुर्माना है, इसके साथ ही महाराष्ट्र, उत्तराखंड, झारखंड, तमिलनाडु, नागालैंड आदि राज्यों में भी प्लास्टिक कैरी बैग्स सहित उत्पादों पर प्रतिबंध का आदेश जारी हो चुका है।
एनजीटी (NGT) के नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 व प्लास्टिक प्रबंधन नियम-2016 के अंर्तगत कुछ नए प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिसमें केटरिंग में उपयोग होने वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही जुर्माने व सजा में सख्ती की गई है।
जॉन लकड़ा
प्रभारी सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल
Published on:
31 Aug 2019 04:46 pm
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