सरकारी विभागों ने बेचे मकान, बैंक लोन के बाद अब सब्सिडी के लिए लोग लगा रहे महीनों चक्कर

सरकारी विभागों ने बेचे मकान, बैंक लोन के बाद अब सब्सिडी के लिए लोग लगा रहे महीनों चक्कर

Deepak Sahu | Publish: May, 18 2018 11:11:49 AM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

सब्सिडी का लालच दिखाकर ना सिर्फ सरकारी विभाग बल्कि निजी बिल्डरों ने एक के बाद एक लोगों से बुकिंग कराई, लेकिन जब

रायपुर . प्रधानमंत्री आवास योजना में सब्सिडी का लालच दिखाकर ना सिर्फ सरकारी विभाग बल्कि निजी बिल्डरों ने एक के बाद एक लोगों से बुकिंग कराई, लेकिन जब सब्सिडी देने की बारी आई तो निजी के साथ-साथ सरकारी विभागों ने हाथ पीछे खींच लिए। रायपुर विकास प्राधिकरण, छग हाउसिंग बोर्ड और नया रायपुर विकास प्राधिकरण में सब्सिडी के सैंकड़ों मामले लंबित हैं।

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लोन की प्रक्रिया तो पूरी, लेकिन सब्सिडी के लिए पड़ रहा भटकना
कई प्रकरणों में बैंक द्वारा फायनेंस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन सब्सिडी के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। पीएम आवास योजना में सब्सिडी देने को लेकर कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है, जिसकी वजह से भी लेटलतीफी हो रही है। सरकारी विभागों ने प्रोजेक्ट में जमीन-मकान बेचने के लिए लोन की प्रक्रिया तो पूरी कर दी, लेकिन अब सब्सिडी के लिए ग्राहकों को बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

इस मामले में विभागों से सहयोग नहीं मिल रहा है। इस मामले में आरडीए, हाउसिंग बोर्ड और एनआरडीए के आला अधिकारियों का कहना है कि सब्सिडी का मामला बैंकों से जुड़ा है, वहीं यह राशि केंद्र से स्वीकृत होती है। फाइलों में दस्तावेजों की कमी की वजह भी राशि अटक सकती है।

पीएम आवास योजना के लिए यह है नियम
इडब्ल्यूएस योजना में 3 लाख तक वार्षिक आय होनी चाहिए। वहीं ६ लाख रुपए ब्याज सब्सिडी के लिए पात्र होंगे। परिवार में पति-पत्नी व अविवाहित बच्चे शामिल हो। परिवार के मुखिया व उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से भारत में पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

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1 ब्याज, सब्सिडी प्राथमिक ऋणदाता संस्थाओं के माध्यम से लाभार्थियों के ऋणखाते में सीधे जमा कर दी जाएगी। इससे प्रभावी आवास ऋण व इएमआइ कम हो जाएगी।
2 प्राथमिक ऋण दाता संस्थाओं का चयन अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, आवास वित्त कंपनियां, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राज्य सहकारिता बैंक, शहरी सहकारिता बैंक, लघु वित्त बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी, लघु वित्त संस्था एवं आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय द्वारा चयन किए गए अन्य संस्था।

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