उद्योगपति का अपहरण करने वाले इतने शातिर कि पुलिस को उनकी एक फुटेज तक नहीं मिली

यही वजह है कि उद्योगपति या उनका अपहरण करने वालों की कोई भी तस्वीर सीसीटीवी में कैद नहीं हो पाई है। पुलिस को अब तक जितने भी सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, उसमें केवल कार दिखाई दे रही है। कार में सवार लोगों की पहचान नहीं हो पाई है।

रायपुर. राजधानी के उद्योगपति प्रवीण सोमानी का अपहरण करने वाले इतने शातिर हैं कि पुलिस को उनका एक भी सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पाया है। केवल कुछ जगहों पर उद्योगपति की कार के पीछे सफेद रंग की कार नजर आई है। इसके अलावा आरोपियों का अब तक किसी टोलनाका या चौक-चौराहों में फुटेज नहीं मिला है।

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आशंका है कि किडनैपरों को शहर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जानकारी पहले से थी। इस कारण शहर भर में कहीं कार से बाहर नहीं निकले हैं और न ही उद्योगपति को बाहर निकलने दिया गया। सिलतरा और परसुलीडीह के बीच घटना स्थल भी एेसा चुना होगा, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं होंगे।

यही वजह है कि उद्योगपति या उनका अपहरण करने वालों की कोई भी तस्वीर सीसीटीवी में कैद नहीं हो पाई है। पुलिस को अब तक जितने भी सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, उसमें केवल कार दिखाई दे रही है। कार में सवार लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। इसके चलते घटना के ८ दिन बाद भी पुलिस किडनैपरों के पहचान संबंधी ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

उल्लेखनीय है कि सिलतरा के उद्योगपति सोमानी ८ जनवरी को शाम करीब ६ बजे अपने ऑफिस से घर जाने के लिए निकले थे। इसके बाद अज्ञात लोगों ने सिलतरा और विधानसभा के परसुलीडीह के बीच उनका अपहरण कर लिया। पुलिस और परिजनों का दावा है कि अब तक फिरौती की मांग नहीं आई है।
पुराने गिरोहों से नहीं मिला सुराग

घटना के बाद से रायपुर पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक राज्यों में टीमें भेजी हैं। उन राज्यों में सक्रिय अपहरण करने वाले पुराने गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में पतासाजी की गई। उनसे पूछताछ की गई, लेकिन उद्योगपति सोमानी के संबंध में पता नहीं चला। पुलिस ने सोमानी के मामले में किसी नए गिरोह की साजिश की आशंका जताई है।
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अपहरण करने वाले नहीं पकड़े गए, 15 दिन तक तलाश

भिलाई में 15 दिसंबर 2013 में उद्योगपति शैलेष शाह के बेटे आदित्य शाह का स्कूल जाते हुए अज्ञात कार चालकों ने अपहरण कर लिया था। उसकी तलाश में पुलिस जुटी रही। परिजनों ने सबसे दूरियां बना ली थी। पुलिस ने हर तरह से जांच कीं। इस बीच ३० दिसंबर को किडनैपरों ने आदित्य को नागपुर में उसके बुआ के घर छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक उद्योगपति परिवार ने किडनैपरों को फिरौती के रूप में मोटी रकम दी थी। इसके बाद आदित्य को छोड़ा गया था। किडनैपरों का आज तक पता नहीं चल पाया।

अपहरण माना और हो गई थी हत्या, 44 दिन तक तलाश

भिलाई में शंकरा ग्रुप ऑफ टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर अभिषेक मिश्रा ९ नवंबर २०१५ को अचानक गायब हो गए। उनकी कार माना एयरपोर्ट में मिली। उनका मोबाइल बंद था। पुलिस ने अपहरण मानकर उसकी तलाश शुरू की। १५०० लोगों से पूछताछ, १८७२ मोबाइल नंबरों की जांच हुई। कुछ नहीं मिला। ४४वें दिन पुलिस ने अभिषेक की हत्या में उनकी प्रेमिका किम्सी जैन और उसके परिजनों की संलिप्तता पाई। अभिषेक को मारकर किम्सी के घर के लॉन में ही दफनाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ।

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Karunakant Chaubey
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