2019 में देना था पजेशन, अभी फ्लैट में लिफ्ट तक नहीं लगा पाए

आरडीए के इंद्रप्रस्थ में ठगे गए ग्राहक, पूरा पैसा देने के बाद भी नहीं मिला आशियाना

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 21 Nov 2020, 07:11 PM IST

रायपुर. रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की इंद्रप्रस्थ-2 योजना में भारी लेटलतीफी की वजह से यहां निवेश करने वाले लोगों को घाटे के सौदा का सामना करना पड़ रहा है। ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट्स के इस प्रोजेक्ट में ग्राहकों को वर्ष 2019 दिसंबर में पजेशन दे देना था, लेकिन वर्तमान में फ्लैट्स में लिफ्ट तक नहीं लगाया जा सका है।

रिंग रोड के करीब होने की वजह से आम लोगों ने वर्ष 2016 में प्रोजेक्ट की लांचिंग के बाद से हाथों-हाथ बुकिंग करा ली। तब आरडीए ने तीन साल के भीतर प्रोजेक्ट को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान हालातों पर गौर करें तो चार साल के करीब होने के बाद भी प्रोजेक्ट पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंर्तगत निर्मित हो रहे इंद्रप्रस्थ रायपुरा प्रोजेक्ट में 1472 ईडब्ल्यूएस व 944 एलआईजी फ्लैट्स का निर्माण करना था। लागत 158 करोड़ के करीब रखी गई थी।

आरडीए का कहना है कि प्रोजेक्ट सेल-आउट हो चुका है। ऐसे में निर्माण पूरे नहीं होने के मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरडीए में सीईओ बदलने और निचले अधिकारियों की मनमानी से हालात और खराब हैं। वर्तमान में 30 से 40 फीसदी काम शेष बताया जा रहा है।

ज्यादातर बैंक फाइनेंस

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंर्तगत बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट में ज्यादातर फ्लैट्स की खरीदी में बैंक फाइनेंस का सहारा लिया गया। आरडीए ने किश्तों के अलावा बैंक फाइनेंस का विकल्प ग्राहकों को दिया था, जिसमें 90 फीसदी से अधिक ग्राहकों ने बैंक फाइनेंस के जरिए आरडीए के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी। इसके बावजूद आरडीए ने समय पर काम पूरा नहीं किया।

आरडीए इंद्रप्रस्थ योजना

ईडब्ल्यूएस 1472
एलआईजी 944
कुल फ्लैट्स 2416
कुल लागत 158 करोड़ रुपए

स्ट्रक्चर खड़ा, लेकिन काम बाकी

पत्रिका ने जब इंद्रप्रस्थ प्रोजेक्ट का दौरा किया तो पता चला कि ईडब्ल्यूएस की बिल्डिंग में लिफ्ट तक नहीं लग सकी है। बिल्डिंग को पूरा होने में अधिकतम 1 साल का और समय लग सकता है। एलआईजी बिल्डिंग में रंग-रोंगन कर दिया गया है, लेकिन खिड़की-दरवाजे अधूरे हैं।

आरडीए में डेढ़ साल में 5 सीईओ बदले

आरडीए में पिछले डेढ़-दो वर्षों के भीतर 5 सीईओ का तबादला हो चुका है। आरडीए में सीईओ के टिके रहने का रिकॉर्ड ज्यादा दिनों का नहीं है। वर्तमान सीईओ अय्याज तंबोली का कहना है कि कोविड-19 की वजह से प्रोजेक्ट के कार्यों में तीन-चार महीने का काम प्रभावित हुआ। इंद्रप्रस्थ रायपुरा को प्राथमिकता सूची रखा गया है। शीघ्र ही इसे पूरा किया जाएगा।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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