नतीजों से पहले कांग्रेस के प्रमोद दुबे मानी हार, कहा- जनादेश का सम्मान करता हूं

आज 17 वीं लोकसभा (Chhattisgarh Lok Sabha Results 2019) के लिए हुए चुनाव की मतगणना जारी है। रायपुर सीट पर कांग्रेस लगातार पिछड़ती जा रही है। अभी तक मिले अपडेट के अनुसार भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से आगे चल रहे है।

By: Anjalee Singh

Published: 23 May 2019, 06:01 PM IST

रायपुर. आज 17 वीं लोकसभा (Chhattisgarh Lok Sabha Results 2019) के लिए हुए चुनाव की मतगणना जारी है। रायपुर सीट पर कांग्रेस लगातार पिछड़ती जा रही है। अभी तक मिले अपडेट के अनुसार भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से आगे चल रहे है। वोटों का बढ़ता फासला देखकर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे ने फैसला आने से पहले ही हार मान ली। वह मतगणना स्थल से वापस लौट चुके है। उनके चेहरे पर निराशा साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने हार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं जनादेश का सम्मान करता हूं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सीट पर 2 मेयर (chhattisgarh lok sabha election 2019 candidates) आमने-सामने थे। कांग्रेस ने इस सीट से वर्तमान मेयर प्रमोद दुबे को मैदान में उतारा था तो वही भाजपा ने पूर्व मेयर सुनील सोनी को टिकट दिया था। रायपुर की सीट पर भाजपा का दबदबा है। रमेश बैस पिछले 7 बार से सांसद रह चुके है। इस बार भी बीजेपी यहां अपना इतिहास दोहराती हुई नजर आ रही है।

छत्तीसगढ़ में अभी तक सरगुजा और बस्तर सीट के नतीजे आ चुके है। जिसमे से एक सरगुजा बीजेपी और बस्तर में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। जबकि बाकि 9 सीटों में से 8 में बीजेपी आगे चल रही है।

रायपुर लोकसभा सीट का राजनीतिक सफर
छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में से एक रायपुर सीट (chhattisgarh lok sabha seat)सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। आजादी के बाद 1952 से अब तक यहां कुल 16 चुनाव संपन्न हुए हैं। 1999 तक यह लोकसभा सीट मध्य प्रदेश के अंतर्गत आती थी। साल 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होने के बाद बने छत्तीसगढ़ के अंतर्गत आने के बाद यहां से तीन लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। 1952 और 1957 में निर्वाचन क्षेत्र के लिए दो सीटें थीं, इसलिए प्रथम और द्वितीय उम्मीदवार दोनों को विजेता घोषित किया गया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और इंदिरा गांधी के करीबी सहयोगी विद्या चरण शुक्ला ने इस निर्वाचन क्षेत्र से दो कार्यकाल जीते। बीजेपी के रमेश बैस पिछले बार के चुनावों में यहां से 7 बार जीत चुके हैं. उन्हें केवल 1991 में हार का मुंह देखना पड़ा था और 1996 से 2014 तक लगातार छह बार जीत दर्ज की है।

पिछले चुनाव का ऐसा रहा हार-जीत का अंतर
2004 में 50.30 फीसदी वोटिंग हुई

भाजपा - रमेश बैस - 3,76,029
कांग्रेस - श्यामा चरण शुक्ल - 2,46,510
बीएसपी - डा. हीरामन बंजारे - 32,252
बहुमत- 1,29,529

2009 में 47.00 फीसदी वोटिंग हुई

भाजपा - रमेश बैस - 3,64,943
कांग्रेस - श्यामा चरण शुक्ल - 3,07,042
बीएसपी - विद्यादेवी साहू - 16853
बहुमत- 57,901

2014 में 65.69 फीसदी वोटिंग हुई
भाजपा - रमेश बैस - 6,54,922
कांग्रेस - श्यामा चरण शुक्ल - 4,83,276
आप - संदीप तिवारी - 15,139
बहुमत- 1,71,646


पूर्व मेयर सुनील कुमार सोनी का ऐसा रहा राजनीतिक सफर
- सुनील कुमार सोनी जनवरी 2000 से 25 दिसंबर 2003 तक नगर पालिका निगम रायपुर के अध्यक्ष रहे।
- इसके बाद 2003 से 2010 तक नगर पालिका निगम रायपुर के महापौर रहे।
- 24 जनवरी 2011 से अभी तक रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर रहे।

वर्तमान मेयर प्रमोद दुबे का ऐसा रहा राजनीतिक सफर
- 1997 से 2000 के दौरान प्रमोद दुबे शहरी एवं ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष थे।
- 2001 में उन्हें छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया।
- 2004 से 2009 तक उन्होंने ब्राह्मण पारा वार्ड के पार्षद के रूप में चुने गए।
- 2009 में वो शहीद चूड़ामणि वार्ड के पार्षद बने।
- इसके बाद 2015 चुनावों में वे महापौर पद पर चुनाव लड़े और पहली पारी में विजयी हुए।

Anjalee Singh
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