प्रवेश शुल्क के नाम पर पालकों की जेब काट रहे निजी स्कूल प्रबंधन

पूर्व विद्यार्थियों से भी प्रबंधन मांग रहा प्रवेश शुल्क
शुल्क नहीं देने पर छात्रों को स्कूल से निकालने की धमकी

By: VIKAS MISHRA

Updated: 25 Aug 2020, 07:32 PM IST

रायपुर. शिक्षा सत्र 2020-21 की प्रवेश प्रक्रिया प्रदेशभर में प्रारंभ हो गई है। इसके साथ ही निजी स्कूल प्रबंधकों ने फीस को लेकर मनमानी शुरू कर दी है। नियम के विरुद्ध स्कूल प्रबंधन पालकों से विद्यार्थियों को प्रवेश देने के नाम पर एडमिशन शुल्क मांग रहा है। वहीं, विरोध करने वाले पालकों को उनके बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देकर खामोश कर दिया गया है। इस पर प्रबंधन के खिलाफ पालकों ने पत्रिका से गुहार लगाई है। पालकों का कहना है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में अमूमन यही हाल है। शिकायत के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा इसका समाधान नहीं किया जा रहा है।
नव प्रवेशित से ही शुल्क लेने का नियम
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो एडमिशन शुल्क लेने का नियम केवल नव प्रवेशित विद्यार्थियों से है। जो विद्यार्थी प्रमोट होकर एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाते हंै, उन्हें प्रवेश शुल्क नहीं लगता है। नियमों को तोड़-मरोड़ कर निजी स्कूल अपने फायदे के लिए पालकों पर दबाव बनाते हैं और पैसे लेते हैं।
लाखों की उगाही
एडमिशन शुल्क के नाम पर निजी स्कूल पालकों से हर वर्ष लाखों रुपए की उगाही करता है। पत्रिका के पास रायपुर जिले में संचालित हो रहे 30 से ज्यादा निजी स्कूलों की शिकायत आई है। इस पर कुछ स्कूल प्रबंधनों ने व्यवस्था में सुधार करने बात कही, तो कुछ ने अधीनस्थ अधिकारियों से जानकारी लेकर बता पाने को कहा।
इन इलाकों के स्कूलों की मिली शिकायत
देवेंद्र नगर, डीडी नगर, विधानसभा, मोवा, गुढिय़ारी, कोटा, आमानाका, राजेंद्र नगर, खमतराई, रावाभाठा, भाठागांव और तेलीबांधा।

प्रवेश शुल्क केवल नव प्रवेशित विद्यार्थियों से ही लिया जाता है। हमारे संगठन से जुड़े सभी स्कूलों को इस संबंध में जानकारी दी गई है। प्रमोशन पाने वाले विद्यार्थियों से जो स्कूल प्रबंधन पैसा वसूल रहे हैं, वो गलत कर रहे हैं। पालक हमारे नंबर 9893021776 पर शिकायत करें, उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
राजीव गुप्ता, सचिव, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
प्रमोशन पाने वाले विद्यार्थियों से एडमिशन शुल्क स्कूल प्रबंधन नहीं ले सकता। जिन पालकों से स्कूल प्रबंधन शुल्क मांगने के लिए दबाव बना रहा है, वो पालक हमारे पास शिकातय करें। मामले में जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर

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