लॉकडाउन में निजी स्कूल संचालक पर दोहरी मार, आवक नहीं, खर्च बढ़ा

- पालकों से फीस नहीं ले पाने की वजह से निजी संचालक परेशान
- इंटरनेट और मोबाइल खरीदने का खर्च आया लाखों में

By: Bhupesh Tripathi

Published: 09 Jun 2020, 09:14 PM IST

रायपुर। लॉकडाउन की वजह से प्रदेश के शासकीय और निजी स्कूलों में ऑनलाइन क्लास संचालन करने का निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्देश ने निजी स्कूलों के संचालन का खतरा बढ़ा दिया है। छात्र ऑनलाइन क्लास ले सके, इसलिए स्कूल प्रबंधन का जूम एेप का लाइसेंसी वर्सन लेना पड़ रहा है, जिसका खर्च लाखों में है। इस अतिरिक्त खर्च की वजह से निजी स्कूलों के संचालक बेहद परेशान है। निजी स्कूल प्रबंधन के जिम्मेदारों का कहना है, कि शिक्षा विभाग और राज्य सरकार स्वेच्छा से शुल्क देने वाले पालकों से फीस लेने का आदेश दे, ताकि समस्या का समाधान हो सके।

अकाउंट हुआ खाली
नाम ना छापने की शर्त पर राजधानी के निजी स्कूल के डायरेक्टर ने बताया, कि तीन माह से पालको से फीस नहीं ली गई है। स्कूल के शिक्षक और अन्य कर्मचारियों की सैलरी लगातार जारी है। तीन मा से आवक बंद होने की वजह से अकाउंट पूरी तरह से खाली हो गया। स्कूल की सेविंग खत्म हो चुकी है और जून माह की सैलरी देने की हिम्मत अब नहीं बची है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम का भुगतान भी नहीं हुआ है। हर जगह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

853 निजी स्कूल जिले में
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में 853 निजी स्कूल है। इन स्कूलों में जांच करने के बाद शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पैसा जारी किया जा रहा है। इस वजह से लेटलतीफी हो रही है। कुछ स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहे, और विभाग से तगादा कर रहे है, उनके खिलाफ जांच की जा रही है। जिन स्कूलों का पैसा बाकी है, वो प्रबंधन द्वारा जानकारी देने पर अकाउंट में सीधे डाला जा रहा है।

इनका है कहना
समर्थ पालकों से फीस लेने की इजाजत सरकार दे, ताकि अपने शिक्षकों और कर्मचारियों का हम भुगतान कर सके।
आशुतोष सिंह, डायरेक्टर, होली हाट्र्स स्कूल

राज्य सरकार स्कूल खोलने के संबंध में स्पष्ट गाइड लाइन जारी करे, ताकि हम भी पालको को जवाब दे सकें। सरकार को टैक्स के संबंध में राहत देनी चाहिए, ताकि स्कूल का संचालन करने में परेशानी ना हो।
प्रवीण जैन, डायरेक्टर, प्रतीक इंटरनेशनल स्कूल

छात्रों का सिलेबस हम ऑनलाइन क्लास में पूरा कर रहे है। छात्र क्लास में नहंी आ रहे है, तो पालक फीस देने में आनाकानी कर रहे है। राज्य सरकार स्कूलों के साथ कोचिंग संचालकों के लिए भी कुछ इंतजाम करे, ताकि हमें भी राहत मिल सके।
संदीप कुमार, संचालक, त्रिपाठी कोचिंग सेंटर

राज्य सरकार का निर्देश आने तक कोई भी स्कूल पालकों से फीस वसूल नहीं कर सकता। जो स्कूल प्रबंधन इस नियम को तोड़ेगा, उसके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी , रायपुर।

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