फीस लेने का आदेश जारी होते ही निजी स्कूलों की मनमानी शुरू, बच्चों को ऑनलाइन क्लास से कर रहे बाहर

स्कूल प्रबंधन की इस मनमानी से पालक आक्रोशित है। पालकों को कहना है कि फीस जमा करनी है, लेकिन स्कूल ट्यूशन फीस की विस्तृत जानकारी नहीं दे रहा। फीस लेने के नाम पर केवल पैसे बता रहा है, पैसा किस बात का लिया जा रहा है। ये जानकारी प्रबंधन द्वारा नहीं दी जा रही है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 02 Aug 2020, 08:53 PM IST

रायपुर. हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस पालकों से लेने का निर्देश जारी कर दिया है। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद निजी स्कूल प्रबंधन ने पालकों से फीस लेने के लिए मनमानी शुरू कर दी है। पालकों से प्रबंधन द्वारा फोन करके पैसा मांगा जा रहा है और पैसे नहीं देने पर छात्रों को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन की इस मनमानी से पालक आक्रोशित है। पालकों को कहना है कि फीस जमा करनी है, लेकिन स्कूल ट्यूशन फीस की विस्तृत जानकारी नहीं दे रहा। फीस लेने के नाम पर केवल पैसे बता रहा है, पैसा किस बात का लिया जा रहा है। ये जानकारी प्रबंधन द्वारा नहीं दी जा रही है।

स्पष्ट सर्कुलर जारी करने की मांग

पालकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है, कि स्कूल प्रबंधन को ट्यूशन फीस और अन्य फीस को सार्वजनिक करने का निर्देश जारी करें। इस प्रक्रिया से पालकों को सभी शुल्क के बारे में अलग-अलग जानकारी हो सकेगी। जानकारी होने पर वो ट्यूशन फीस आसानी से नहंी दे सकेंगे और उनकी जेब कटेगी।

केस-1
5 हजार भिजवा दें

डीडी नगर इलाके मंे संचालित एक स्कूल ने अपनी छात्रा के परिजनों को फोन किया और ५ हजार रुपए फीस जमा करने की मांग की। पालक ने फीस की जानकारी पूछी, तो बाद मेें देंगे बोलकर फोन काट दिया। मामलें में पालक का कहना है, कि प्रबंधन फोन करके और मैसेज करके फीस लगातार जमा करने का निर्देश दे रहा है। फीस जमा करने का आदेश दो दिन पहले आया है, इसलिए उन्हें भी फंड जुटाने के लिए समय देना चाहिए।
केस-2

बच्चों को क्लास से किया बाहर

रामनगर-कोटा रोड में संचालित निजी स्कूल ने कोर्ट से आदेश आते ही पालकों पर दबाव बनाने के लिए बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया। पालकों ने संपर्क किया तो ऑनलाइन सिस्टम ठीक करने की बात कहते हुए उन्हें गुमराह किया। पालकों ने अन्य छात्रांे से पूछा, तो पता चला कि जिन छात्रों की फीस जमा थी। उन्होंने ऑनलाइन क्लास का अलग से लिंक भेजा गया है। पालकों ने स्कूल प्रबंधन से दोबारा बात की तो प्रबंधन एक माह की फीस जमा करने पर बच्चों को क्लास का लिंक भेजने की बात कह रहा है। परिजन मामलें में स्कूल शिक्षा विभाग से शिकायत करने की तैयारी कर रहे है।

इनका है कहना

लॉकडाउन का समय है। आदेश आया है, तो स्कूल प्रबंधन को फीस जमा करने के लिए थोड़ा समय देना चाहिए। समय मिलेगा तो हमें राहत मिलेगी।

-आदर्श साहू, पालक
गुढि़यारी

चार माह की फीस जमा करनी है। फीस स्कूल प्रबंधन द्वारा किश्तों में ली जाए, ताकि हमें जमा करने में राहत हो और उनका आर्थिक संकट दूर हो सके।

-दिपेश मिश्रा, पालक
शंकर नगर

स्कूल प्रबंधन को अपने सर्कुलर में ट्यूशन फीस और अन्य फीस की पूर्ण जानकारी लिखना चाहिए। इससे फीस जमा करने को लेकर कोई कंफ्यूजन नहंी होगी और पालकों से विवाद भी नहीं होगा।

-खिलेश्वर कुमार, पालक
मौदहापारा

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निजी स्कूलों की फीस जमा कराने की प्रक्रिया को रेंडम चेक करना चाहिए। इससे कार्रवाई का डर स्कूल प्रबंधन को होगा और वे अपनी मनमानी नहीं करेंगे।

-निखिल विश्वकर्मा, पालक
पुरानी बस्ती

जो स्कूल प्रबंधन ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फीस वसूलते है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पालकों को हमारे पास भेजिए, तत्काल मामलें में जांच कराकर स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा।
-जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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