फर्जी विश्वविद्यालयों से छात्रों को बचाने निजी विवि विनियामक आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश

- निजी विश्वविद्यालयों (Private University Commission) में संचालित संस्थान/अध्ययन शाला विश्वविद्यालय में एक संघटक ईकाई है। यह कोई सबद्ध या शोध संस्थान नहीं है। क्योंकि निजी विश्वविद्यालय एकात्म स्वरूप है, इन्हें किसी अन्य महाविद्यालयों से प्राप्त करने की संबद्धता नहीं है।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 16 Oct 2020, 02:21 PM IST

रायपुर। फर्जी विश्वविद्यालय (Fake University) के बहकावे में फंसकर छात्र अपना भविष्य और पैसा बर्बाद ना करें, इसलिए छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग (Private University Commission) ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए गाइडलाइन जारी की है।

छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग (Private University Commission) के सचिव केके चंद्राकर द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार पालकों को चेक कर लेना चाहिए कि जिस विश्वविद्यालय में उनके छात्र प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हैं, वे छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2005 के अंतर्गत अधिसूचित हैं या नहीं। विश्वविद्यालय के परिनियम एवं अध्यादेश छत्तीसगढ़ शासन (Chhattisgarh Government) के द्वारा राजपत्र में प्रकाशित होना चाहिए। निजी विश्वविद्यालयों में संचालित संस्थान/अध्ययन शाला विश्वविद्यालय में एक संघटक ईकाई है। यह कोई सबद्ध या शोध संस्थान नहीं है। क्योंकि निजी विश्वविद्यालय (Private University) एकात्म स्वरूप है, इन्हें किसी अन्य महाविद्यालयों से प्राप्त करने की संबद्धता नहीं है। पाठ्यक्रम/डिग्री आदि जिसमें प्रवेश लिया जा रहा है, वो यूजीसी से अनुमोदित है या नहीं? एमफिल/ पीएचडी की उपाधि के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनिमय आयेाग 2016 प्रभावशाली है या नहीं? जिस विषय में एमफिल के छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है, छात्र यह सुनिश्चित कर ले कि योग्यता प्राप्त निदेशक विश्वविद्यालय में है या नहीं।

Bhupesh Tripathi
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