बारिश से किसानों के साथ जलाशयों को राहत, 3 से 5 फीसदी तक बढ़ा जलस्तर

Monsoon 2021: मानसून की बेरुखी के बाद पिछले तीन-चार दिनों से हो रही बारिश ने किसानों के साथ जलाशयों को भी राहत दी है। गंगरेल, तांदुला, दुधावा, सिकासेर जैसे बड़े जलाशयों में जल स्तर 5 फीसदी तक बढ़ा है।

By: Ashish Gupta

Updated: 10 Sep 2021, 02:11 PM IST

रायपुर. Monsoon 2021: मानसून की बेरुखी के बाद पिछले तीन-चार दिनों से हो रही बारिश ने किसानों के साथ जलाशयों को भी राहत दी है। गंगरेल, तांदुला, दुधावा, सिकासेर जैसे बड़े जलाशयों में जल स्तर 5 फीसदी तक बढ़ा है। इससे गर्मी के समय पीने और निरस्तार के पानी का संकट भी कम होता दिखाई दे रहा है। वर्तमान में प्रदेश के छोटे-बड़े 46 जलाशयों में 69.88 फीसदी औसत जलभराव है। हालांकि कई बड़े जलाशय ऐसे हैं, जहां अभी भी 30 से 50 फीसदी जलभराव नहीं हो सका है।

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार दिनों में बांधों में पानी का स्तर बढ़ा है। 5 सितम्बर की स्थिति में गंगेरल में 41.06 फीसदी जलभराव था, जो 9 सितम्बर की स्थिति में 46.67 फीसदी तक पहुंच गया। यानी यहां पिछले चार दिनों में 5.7 फीसदी जलभराव हुआ है। तांदुला जलाशय की स्थिति में भी थोड़ा सुधार हुआ है। यहां 3.36 फीसदी जलभराव हुआ है। जबकि यहां चार दिन पहले मात्र 22.93 फीसदी पानी था।

मिनी माता-बांगो और मनियारी जलाशय के पानी का भराव कुछ कम हुआ है। सिंचाई के लिए पानी छोडऩे की वजह से यह स्थिति निर्मित हुई है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश के 12 बड़े जलाशयों की कुल क्षमता 5355.709 लाख घन मीटर है। 9 सितम्बर तक इन जलाशयों में केवल 3873.860 लाख घन मीटर पानी जमा हो पाया है। इसी प्रकार मध्यम स्तर के 34 जलाशयों की क्षमता 1004.519 लाख घन मीटर है। 9 सितम्बर तक इनमें 570.867 लाख घन मीटर पानी है।

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पिछले तीन सालों में सबसे खराब स्थिति
जलाशयों में जलभराव का स्तर सुधरा है, लेकिन पिछले दो साल के आंकड़ों को देखे तो स्थिति बहुत ज्यादा अच्छी नहीं कही जा सकती है। वर्ष 2020 में 9 सितम्बर की स्थिति में प्रदेश के जलाशयों में औसत जलभराव 89.65 फीसदी था। वहीं वर्ष 2019 में यह आंकड़ा 74.61 फीसदी था। जबकि वर्तमान में जलभराव का औसत 69.88 फीसदी है।

सूखा प्रभावित तहसीलों में गिरा 80 फीसदी से ज्यादा पानी
राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 23 जिलों 72 तहसीलों में 80 फीसदी से कम बारिश हुई है। इसे सूखे की स्थिति मानी जाती है, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों की बारिश से स्थिति बिगड़ दी है। कई तहसीलों में 80 फीसदी से अधिक बारिश हो गई है। इसमें अभनपुर, तोकापाल, दंतेवाड़ा, भाटापारा, सिमगा, डौंडीलोहरा जैसी अन्य तहसीलें शामिल हैं। इससे इन तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने में अड़चने आ सकती है।

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प्रदेश में अब तक 874.7 मिमी औसत वर्षा
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक 1 जून 2021 से अब तक राज्य में 874.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। सरगुजा में 774.1 मिमी, सूरजपुर में 1069.1 मिमी, बलरामपुर में 862.3 मिमी, जशपुर में 891.9 मिमी, कोरिया में 862.9 मिमी, रायपुर में 722.0 मिमी, बलौदाबाजार में 811.3 मिमी, गरियाबंद में 785.0 मिमी, महासमुंद में 657.4 मिमी, धमतरी में 781.1 मिमी, बिलासपुर में 854.5 मिमी, मुंगेली में 806.4 मिमी, रायगढ़ में 741.9 मिमी, जांजगीर-चांपा में 882.1 मिमी, कोरबा में 1227.7. मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1062.1 दुर्ग में 815.0 मिमी, कबीरधाम में 692.7 मिमी, राजनांदगांव में 677.7 मिमी, बेमेतरा में 953.6 मिमी, बस्तर में 934.9 मिमी, कोण्डागांव में 890.8 मिमी, कांकेर में 797.9 मिमी, नारायणपुर में 1028.4 मिमी, दंतेवाड़ा में 993.8 मिमी और बीजापुर में 998.5 मिमी औसत वर्षा रेकार्ड की गई।

12 प्रमुख जलाशयों में जलभराव की स्थिति
जलाशय- 5 सितम्बर की स्थिति में- 9 सितम्बर की स्थिति में

मिनी माता-बांगो 89.62-89.11
गंगरेल 41.06-46.67

तांदुला- 22.93-26.29
दुधावा में 29.09-34.76

सिकासार-72.44-77.87
खारंग- 98.59-98.59

सोंढुर-51.42-52.85
मुरुमसिल्ली-60.29-65.71

कोडार-17.15-17.63
मनियारी जलाशय-98.25-96.70

केलो- 49.75- 54.93
अरपा भैंसाझार 67.89- 58.81

(नोट-जलभराव की मात्रा प्रतिशत में)

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