सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 3 महीनों में हटेंगे 393 अवैध धार्मिक कब्जे

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 3 महीनों में हटेंगे 393 अवैध धार्मिक कब्जे
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Chandu Nirmalkar | Publish: May, 10 2016 11:24:00 AM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

प्रदेश सरकार एक बार फिर धार्मिक स्थलों को हटाने और उन्हें पुनस्र्थापित करने के लिए अभियान चलाएगी

राहुल जैन. रायपुर. प्रदेश सरकार एक बार फिर धार्मिक स्थलों को हटाने और उन्हें पुनस्र्थापित करने के लिए अभियान चलाएगी। सरकार की ओर से तैयार सूची के आधार पर प्रदेशभर से 57 स्थलों को पुनस्र्थापित करने और 393 धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई की जानी है। इस काम को पूरा करने के लिए सभी जिलों के कलक्टरों को तीन माह का समय दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर निर्मित धार्मिक स्थल को चिह्नांकित कर उसे नियमित करने, हटाने अथवा पुनस्र्थापित करने के लिए आदेश जारी किया था। इसके लिए जिला एवं अनुविभागीय स्तर पर टीम भी गठित की गई थी। वर्ष 2013 की स्थिति में प्रदेश के 27 जिलों में कुल 78 धार्मिक स्थल ों को पुनस्र्थापित करने तथा 408 स्थलों को हटाने की कार्रवाई होनी थी, लेकिन चुनाव के चलते कार्रवाई पर एक प्रकार से ब्रेक लग गया था। अब राज्य में सभी चुनाव लगभग पूरे हो गए हैं। यही वजह   है कि एक बार फिर धार्मिक   स्थलों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जा रही है।

विभाग ने जताई नाराजगी
इस काम में हो रही लेटलतीफी को लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव केआर पिस्दा ने सभी संभागीय आयुक्तों और कलक्टरों को परिपत्र जारी कर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय समीक्षा में यह पाया गया है कि अब भी राज्य के विभिन्न जिलों में 57 स्थलों को पुनस्र्थापित करने और 393 धार्मिक स्थल ों को हटाया जाना अब भी बाकी है। इससे प्रतीत होता है कि इस कार्य को प्राथमिकता से नहीं लिया जा रहा है, जो कि कदापि उचित नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट को देना पड़ रहा जवाब
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट काफी सख्त है और समय-समय पर इसकी समीक्षा करता है। एेसे में सरकार को जवाब देना मुश्किल हो जाता है। गौरतलब है कि वर्ष 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया विरुद्ध गुजरात सरकार एवं अन्य से पारित आदेश के परिपालन में प्रदेश के भीतर सार्वजनिक स्थानों पर निर्मित धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, चर्च, मस्जिद एवं गुरुद्वारा आदि को चिह्नांकित करने के लिए उन धार्मिक स्थालों का जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर पडऩे वाले प्रभावों को देखते हुए उसे नियमित करने, हटाने अथवा पुनस्र्थापित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया था।

महादेव घाट पर बना मंदिर भी सुर्खियों में आया
अकेले रायपुर जिले में सबसे अधिक 376 धार्मिक स्थल सार्वजनिक उपयोग की सरकारी जमीन पर बने हैं, जिन्हें हटाया नहीं जा सका है। इसमें एक बड़ा विवाद महादेव घाट के पास सरकारी जमीन पर बने मंदिर निर्माण का है।  यहां  करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह निर्माण विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के पारिवारिक ट्रस्ट ने कराया है। इसे लेकर हमर संगवारी के राकेश चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। यह मामला विधानसभा में भी उठा था। हमर संगवारी के राकेश चौबे ने बताया कि इसे लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों से शपथ-पत्र के साथ जवाब भी मांगा है। माना जा रहा है कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सारी कवायद इसी के चलते हो रही है।  इस आदेश के बाद लोगों की निगाह इस विवादित कब्जे को लेकर प्रशासन के रुख पर टिकी है।

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