निगम कह रहा शासन के आदेश के बाद बढ़ाया संपत्तिकर

शुल्क वृद्धि में भाजपा-कांग्रेस पार्षद आमने सामने

रायपुर. नगर निगम में पिछले दो साल से संपत्तिकर में 50 फीसदी वृद्धि कर शहरवासियों से वसूली की जा ही है। इसे लेकर नगर निगम की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में निगम आयुक्त का कहना है कि शासन का आदेश के अनुसार ही 50 फीसदी वृद्धि कर पिछले दो साल से वसूली की जा रही है। शासन का आदेश ही सर्वोपरि है।
50 फीसदी वृद्धि के मामले में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा पार्षद सूर्यकांत राठौर का कहना है कि जब निगम की सामान्य सभा में प्रस्ताव को गिरा चुके थे, 50 फीसदी वृद्धि करने का सवाल ही नहीं उठता है। रही बात निगम अधिकारियों का कहना है कि शासन ने ही 2016-17 में ही 50 फीसदी वृद्धि करने का आदेश जारी किया, तो निगम के अधिकारी सरासर झूठ बोल रहे हैं।
एेसा कोई आदेश है, तो उसकी कापी दिखा दे। उन्होंने निगम के अधिकारियों से भी सवाल किया है कि जब 18 दिन पहले 29 फरवरी को इस संबंध में ज्ञापन दिया था, उस वक्त क्यों नहीं दिखाया शासन का आदेश। अब क्यों कह रहे है कि शासन के आदेश के बाद ही दो साल से संपत्तिकर में 50 फीसदी वृद्धि कर वसूली की जा रही है। राजधानी की जनता और नगर निगम के जनप्रतिनिधियों को गुमराह करने का काम रहे हैं।

महापौर बोले- भाजपा शासन ने ही बढ़ाया था, हमारी सरकार आई तब नींद खुली भाजपा पार्षदों की
इस मामले में महापौर एजाज ढेबर का कहना है कि हमने तो शुरू से ही संपत्तिकर में 50 फीसदी वृद्धि का विरोध किया था। जब भाजपा शासन था, तब करीब ४४ हजार लोगों के दावे आपत्ति भी प्रस्तुत किए थे। जब भाजपा सरकार ने संपत्तिकर में 50 फीसदी वृद्धि करने का आदेश जारी किया था, उस वक्त भाजपा पार्षद कहां थे, हमारी कांगे्रस की सरकार आई तब भाजपा पार्षदों की नींद खुल रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि 50 फीसदी वृद्धि भाजपा शासन में हुई है, इसलिए इसका नए सिरे से परीक्षण कराकर जनता के हित में क्या हो सकता है इस पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल इस वित्तीय वर्ष में तो संभव नहीं है।

Devendra sahu Desk
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