scriptRaipur Crime: Chhattisgarh police engaged in connecting informers | अपराध पर अंकुश के लिए मुखबिरों को जोड़ने में जुटी राज्य पुलिस | Patrika News

अपराध पर अंकुश के लिए मुखबिरों को जोड़ने में जुटी राज्य पुलिस

Raipur Crime: कमजोर मुखबिर तंत्र और बढ़ते क्राइम के बाद जागी पुलिस.

रायपुर

Published: October 29, 2021 02:33:27 pm

रायपुर. राज्य पुलिस अब अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के लिए मुखबिरों को जोडने में जुटी हुई है। कमजोर मुखबिर तंत्र और बढ़ते क्राइम को देखते हुए इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए जल्दी ही अभियान चलाने के संकेत है।

up-police.jpg

दरअसल, कुछ दिनों से राज्य में चाकूबाजी, लूट, उठाईगिरी और मारपीट की घटनाएं हो रही है, लेकिन इसकी सूचना पुलिस तक समय पर नहीं पहुंच पाती। पिछले दिनों आईजी और एसपी कांफ्रेस में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी मुखबिर तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। सूत्रों के मुताबिक दीपावाली के बाद हर मोहल्ले और शहर के आउटर में लोगों को पुलिस से जोडने के लिए थानास्तर पर बैठक लेकर लोगों को जोडने का काम किया जाएगा

दस साल पहले थी पुलिस मित्र योजना
राज्य पुलिस द्वारा 2010-11 में राजधानी में पुलिस मित्र योजना चलाई गई थी। लोगों को पुलिस महकमे से जोडऩे के लिए हर मोहल्ले से 10-15 लोगों का ग्रुप बनाकर बकायदा आईडी कार्ड दिया गया था। कुछ दिनों तक सब सामान्य रहा, लेकिन कुछ दिन बाद मुखबिरी के नाम पर अवैध वसूली, जुआं, सट्टा और शराबखोरी शुरू कर दी गई थी। इसकी शिकायत मिलने के बाद योजना को बंद कर पूरी यूनिट को भंग कर दिया गया था। बता दें कि राज्य पुलिस को पीएचक्यू से प्रतिवर्ष मुखबिर फंड जारी किया जाता है। जिसे मुखबिरी करने वालों को सूचनाएं देने पर जिला पुलिस द्वारा प्रोत्साहन के रूप में नकद राशि दी जाती है।

गोपनीय रूप से करते है पुलिस की मदद
पुलिस की गोपनीय रूप से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वाले और सूचनाएं देने वालों को मुखबिर कहा गया है। उनकी सूचना पर ही पुलिस कई मामलों में वारदात होने के पहले ही अपराधी को पकड़ लेती है। वहीं अपराध होने पर मुखबिर के जरिए मिली सूचनाओं पर आरोपी को गिरफ्तार करने में मदद मिलती है।

इसलिए कमजोर पड़ा मुखबिर तंत्र
पुलिस के अपने रवैय्ये के कारण मुखबिरी करने वाले भी अब उनसे दूरी बनाकर चल रहे है। सूचना देने पर मदद नहीं मिलने और मुखबिरों की सलाह पर अमल नहीं करने के कारण अब जान जोखिम में डालकर सामने नहीं आते हैं। वहीं पुलिस के असहयोगी रवैयै के चलते भी मुखबिर लगातार उनसे दूर होते जा रहे है। जिसका खामियाजा लगातार बढ़ रहे अपराध के रूप में देखने को मिल रहा है।

सीएम के निर्देश के बाद राज्य में मुखबिर तंत्र को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को एसपी को निर्देशित किया गया है।
- डीएम अवस्थी डीजीपी

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

कम उम्र में ही दौलत शोहरत हासिल कर लेते हैं इन 4 राशियों के लोग, होते हैं मेहनतीबाघिन के हमले से वाइल्ड बोर ढेर, देखते रहे गए पर्यटक, देखें टाइगर के शिकार का लाइव वीडियोइन 4 राशि की लड़कियों का हर जगह रहता है दबदबा, हर किसी पर पड़ती हैं भारीआनंद महिंद्रा ने पूरा किया वादा, जुगाड़ जीप बनाने वाले शख्स को बदले में दी नई Mahindra BoleroFace Moles Astrology: चेहरे की इन जगहों पर तिल होना धनवान होने की मानी जाती है निशानीइन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेशदेश में धूम मचाने आ रही हैं Maruti की ये शानदार CNG कारें, हैचबैक से लेकर SUV जैसी गाड़ियां शामिल

बड़ी खबरें

Republic Day 2022 LIVE updates: राजपथ पर दिखी संस्कृति और नारी शक्ति की झलक, 7 राफेल, 17 जगुआर और मिग-29 ने दिखाया जलवानहीं चाहिए अवार्ड! इन्होंने ठुकरा दिया पद्म सम्मान, जानिए क्या है वजहजिनका नाम सुनते ही थर-थर कांपते थे आतंकी, जानें कौन थे शहीद ASI बाबू राम जिन्हें मिला अशोक चक्रबिहार में तिरंगा फहराने के दौरान पाइप में करंट से बच्चे की मौत, कई झुलसेरेलवे का बड़ा फैसला: NTPC और लेवल-1 परीक्षा पर रोक, रिजल्‍ट पर पुर्नविचार के लिए कमेटी गठितएक गांव ऐसा भी: यहां इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्मUP Assembly Elections 2022 : सपा सांसद आजम खां जेल से ही करेंगे नामांकन, कोर्ट ने दी अनुमतिहाईवे के ओवरब्रिजों में सीरियल बम प्लांट, जानिए सीएम योगी के लिए लेटर में क्या लिखा, Video
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.