scriptRaipur Doctors did successful treatment of rare disease | दो राज्यों के डॉक्टर दूर नहीं कर पाए दुर्लभ बीमारी, ACI में डॉक्टरों ने किया सफल उपचार | Patrika News

दो राज्यों के डॉक्टर दूर नहीं कर पाए दुर्लभ बीमारी, ACI में डॉक्टरों ने किया सफल उपचार

दो राज्यों में पोती की बीमारी का उपचार ना होने से निराश बुजुर्ग दंपती के उस समय खुशी के आंसू छलक पड़े, जब पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के बैनर तले संचालित एसीआई में कैथलैब से बाहर आकर उनकी पोती की बीमारी दूर होने की बताई।

रायपुर

Published: November 26, 2021 11:59:40 pm

रायपुर. दो राज्यों में पोती की बीमारी का उपचार ना होने से निराश बुजुर्ग दंपती के उस समय खुशी के आंसू छलक पड़े, जब पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के बैनर तले संचालित एसीआई में कैथलैब से बाहर आकर उनकी पोती की बीमारी दूर होने की बताई। बुजुर्ग परिजनों का कहना था, कि उनकी पोती महाधमनी की बीमारी से परेशानी थी। वो इलाज के लिए प्रदेश के कई जिलों के अलावा दूसरे राज्यों में गए, लेकिन उनकी पोती का उपचार एसीआइ कैथलेब में सही हो पाया।
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दो राज्यों के डॉक्टर दूर नहीं कर पाए दुर्लभ बीमारी, ACI में डॉक्टरों ने किया सफल उपचार
क्या है टकायासू आर्टेराइटिस
कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुए टकायासू आर्टेराइटिस (धमनीशोथ) का इलाज बैलून एंजियोग्राफी की मदद से किया गया। कार्डियोलॉजी विभाग में टकायासु आटेरज़इटिस का यह पहला केस था। इस प्र्िरया में एक कैथेटर को रक्त वाहिका में डाला गया जिसकी नोंक पर एक पिचका हुआ गुब्बारा लगा हुआ था। जहां-जहां धमनी संकुचित थी वहां गुब्बारे को जरूरत के अनुसार फुलाया गया जिससे धमनी को खोलने में मदद मिली। इस पूरी प्रक्रिया को बैलून डिलेटेशन ऑफ कोरोनरी एओर्टा कहते हैं।
ऐसे हुआ कार्डियक प्रोसीजर
डॉ. श्रीवास्तव प्रोसीजर के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताते हैं कि मरीज जब अस्पताल में भर्ती हुई तब ब्लड प्रेशर में काफी अंतर था। शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से के ब्लड प्रेशर में 100 का अंतर था। बैलून प्रक्रिया के बाद यह अंतर घटकर 40 तक पहुंच गया। बैलून डिलेटेशन के लिए सबसे पहले पैर के नसों के रास्ते सिकुड़ी हुई नसों तक पहुंचे। किडनी से छाती के बीच नसें बहुत ज्यादा बंद थी और महाधमनी में छाती के पास प्रेशर ड्राप हो रहा था। मरीज का इलाज आयुष्मान योजनांतर्गत हुआ है।
टकायासू आर्टेराइटिस के संकेत और लक्षण
इस बीमारी के संकेत में अक्सर अत्यधिक थकान लगना, अचानक से वजन कम होना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द रहना, विशेषकर रात में पसीने के साथ हल्का बुखार तथा धमनियों में सूजन के कारण हाथ-पैर में कमजोरी व दर्द, चक्कर और बेहोशी, उच्च रक्तचाप, एनीमिया और सीने में दर्द जैसे लक्षण होते है। इस तरह की शिकायत होने पर तत्काल चिकित्सक परामर्श लेने की बात अंबेडकर अस्पताल प्रबंधन ने की है।

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