एसएसपी यादव ने सम्हाली रायपुर की कमान, क्राइम कंट्रोल और ट्रैफिक सुधार बताया लक्ष्य

पत्रिका से चर्चा के दौरान एसएसपी यादव ने बताया, कि अपराध को नियंत्रित करना, शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान करना, चुस्त पुलिसिंग करना, और राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधार करना प्रथम लक्ष्य होगा। इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए वे अधीनस्थ अधिकारियों की जल्द बैठक लेंगे और सख्ती के साथ व्यवस्था लागू करने का ब्लू प्रिंट तैयार करेंगे।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 30 Jun 2020, 10:23 PM IST

रायपुर. एसएसपी अजय यादव ने मंगलवार को जिले की कमान सम्हाल ली है। राज्य गठन के बाद जिले के वो 12वे नंबर के पुलिस अधीक्षक है, जिन्हें राजधानी में अपराध को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था को लागू करने का मौका मिला है। मंगलवार को सुबह पद सम्हालने के बाद एसएसपी यादव ने मीडियाकर्मियों से चर्चा की। पत्रिका से चर्चा के दौरान एसएसपी यादव ने बताया, कि अपराध को नियंत्रित करना, शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान करना, चुस्त पुलिसिंग करना, और राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधार करना प्रथम लक्ष्य होगा। इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए वे अधीनस्थ अधिकारियों की जल्द बैठक लेंगे और सख्ती के साथ व्यवस्था लागू करने का ब्लू प्रिंट तैयार करेंगे।

पीडि़तों को मिले इंसाफ

एसएसपी यादव ने दो टूक अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया है, कि पीडि़त व्यक्ति की शिकायत आने पर तत्काल उसमें एक्शन लिया जाए। शिकायत आने पर शिकायत को आधार बनाकर जांच की जाए और पीडि़त को इंसाफ दिलाया जाए। यह व्यवस्था सुचार रूप से लागू हो सके, और पीडि़तों को इंसाफ मिले, इसलिए शिकायत सेल को खुद एसएसपी यादव मॉनीटर करेंगे। पुलिसकर्मी द्वारा लापरवाही किए जाने पर तत्काल एक्शन लेने की की बात एसएसपी यादव ने कही है।

नए कप्तान के लिए पेडिंग केस चुनौती

1. छछानपैरी हत्याकांड: जून 2016 में शहर से लगे छछानपैरी गांव में कांग्रेस सरकार में मंत्री शिव डहरिया की मां की हत्या व पिता पर जानलेवा हमला हुआ था। इस केस में पुलिस ने उनके ही छोटे भाई पर शुरू से संदेह जताकर पॉलिग्राफी टेस्ट कराया, लेकिन नतीजा शून्य रहा।

2. बोथरा हत्याकांड: 28 जून 2016 को सराफा कारोबारी पंकज बोथरा की हत्या हुई थी। इसके आरोपितों की तस्दीक तो दूर, लूट का माल तक नहीं मिला है। कुछ संदिग्धों की तस्वीरें, कॉल डिटेल इंटरसेप्ट किया गया था, लेकिन हत्यारों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।

3. युवराज चौहान हत्याकांड: 23 अक्टूबर 2016 की देर शाम सेरीखेड़ी में सूने स्थान पर प्रेमिका के साथ बैठे खमतराई निवासी युवराज चौहान की गोली मारकर हत्या आरोपियों ने कर दी। हत्या के एक सप्ताह बाद युवराज की प्रेमिका ने खुदकुशी कर ली थी। यह मामला भी अब तक सुलझ नहीं पाया है।

4. पूर्व सरपंच की पत्नी की हत्या: अगस्त 2017 में सेजबहार के पूर्व सरपंच ईश्वर यदु की पत्नी चमेली यदु की अज्ञात शख्स ने हत्या कर दी। घटना के समय चमेली घर में अकेली थी। इस मामलें में रिश्तेदारों पर पुलिस ने संदेह जताया था, लेकिन जांच में पुख्ता जानकारी नहीं मिलने से मामला पेडिंग में चला गया।

5. केसरी बगीचा में अज्ञात लाश: पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के केसरी बगीचा स्थित नाला में अप्रैल 2020 को महिला की लाश मिली थी। पुलिस ने शव निकाला तो वो 15-20 दिन पुराना था। मामलें में पुलिस अब तक लाश की शिनाख्त नहीं कर पाई है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned