चंडीगढ़ क्यों है चंडीगढ़, सीखने-समझने जाएंगे रायपुर के पार्षद

रायपुर की बसाहट, विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाए, यह समझने के लिए नगर निगम के पार्षद जल्द ही चंडीगढ़ शहर का दौरा करेंगे

By: चंदू निर्मलकर

Published: 17 Dec 2015, 10:38 AM IST

संतराम साहू. रायपुर. रायपुर की बसाहट, विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाए, यह समझने के लिए नगर निगम के पार्षद जल्द ही चंडीगढ़ शहर का दौरा करेंगे। निगम के पार्षद चंडीगढ़ के सेक्टोरियल डवलपमेंट, सीवरेज, एवेन्यू सड़कों, पुरानी इमारतों को सहेजने संबंधी तरीकों और काम के पैटर्न का अध्ययन करेंगे। इस संबंध में नगर निगम के संस्कृति विभाग ने एक टूर का प्रस्ताव निगम आयुक्त और नगरीय निकाय मंत्री को दिया। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो जनवरी या फरवरी में पार्षद चंडीगढ़ के स्टडी टूर पर जा सकते हैं। चंडीगढ़ को स्वतंत्र भारत का सबसे व्यवस्थित और मानव विकास सूचकांक के मामले में अव्वल माना जाता है।

देखेंगे बसाहट और विकास के तरीके : चंडीगढ़ देश की बेहतर बसाहट वाले शहरों में से एक है। यहां सेक्टर वाइस कॉलोनियों की बसाहट की गई है, जहां अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम, पेयजल वितरण, आपूर्ति और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजकर रखा गया है।

चंडीगढ़ और रायपुर में समानता

चंडीगढ़ और रायपुर में बड़ी समानता आबादी और विकास के अवसर हैं। रायपुर राजधानी बनने से पहले तक ३ लाख की आबादी का कस्बा था। इसे नए सिरे से विकसित करने के ज्यादा मौके हैं। सारी चीजें नई और नए तरीके से की जानी हैं। ठीक यही बात चंडीगढ़ के साथ रही, जब इसे साल 1956 में सरकार ने विशेष शहर के तौर पर विकसित करना शुरू किया गया। रायपुर के पास भी दुर्ग, भिलाई नजदीकी बड़े शहर हैं, जो रायपुर को कॉमर्शियल भाषा में न्यूक्लीयर सरकारी भाषा में ग्रेटर रायपुर बनाते हैं। यही चंडीगढ़ के साथ है, जहां पंचकुला और मोहाली मिलाकर ट्राईसिटी चंडीगढ़ की प्लानिंग है।

ऐसे शुरू हुई चंडीगढ़ की बसाहट
आजाद भारत का यह पहला ऐसा शहर है जिसे लेकर सरकारी स्तर पर पुख्ता प्लानिंग की गई। निजी क्षेत्रों के लिए भी फुलप्रूव्ड सिस्टम बनाया गया। फ्रांसिस आर्किटेक्ट ली कारबुजिया ने इसकी बसाहट और सार्वजनिक सुविधाओं का मास्टर प्लान बनाया था। इसे पौलैंड और अमेरिका के आर्किटेक्ट मैसीज नौविकी और अलबर्ट मेयर ने घरों की बसाहट टीम के मुखिया पीयर जीनरेट, जॉन ड्रयू और मैक्सवेल फ्राई के साथ मिलकर पूरा किया।

 निगम के संस्कृति विभाग के आदेश पर पार्षदों और एल्डरमैन के चंडीगढ़ एजुकेशनल टूर का प्रस्ताव नगरीय निकाय मंत्री को भेजा गया है।
प्रीतम मिश्रा, प्रभारी अधिकारी, संस्कृति विभाग, नगर निगम


चंडीगढ़ के विकास और सांस्कृतिक धरोहर को समझने के लिए टूर का प्रस्ताव है, मंजूरी मिलते ही पार्षदों से चर्चा करके तारीख तय की जाएगी।
राधेश्याम विभार, अध्यक्ष, संस्कृति विभाग, नगर निगम
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चंदू निर्मलकर Desk
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