दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने कहा - मैं चाहता हूं मेरी बेटी का नाम बने प्रतीक

सारंगढ़ क्षेत्र की नाबालिग दुराचार पीडि़ता की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर करने के मामले में गुरुवार को उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब पीडि़ता के पिता ने छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नाम लिखा एक पत्र पत्रकारों को सौंपा

रायपुर/रायगढ़. सारंगढ़ क्षेत्र की नाबालिग दुराचार पीडि़ता की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर करने के मामले में गुरुवार को उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब पीडि़ता के पिता ने छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नाम लिखा एक पत्र पत्रकारों को सौंपा। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) के संभाग प्रभारी विभाष सिंह ठाकुर और जिला प्रवक्ता मुरारी गुप्ता के साथ रायगढ़ पहुंची पीडि़ता की मां, पिता और बहन ने एक पत्र छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नाम लिखा। पत्र में पिता के हवाले से कहा गया है कि उन्हें अपनी मृत बेटी के पहचान के सार्वजनिक होने का कोई दुख नहीं है।


वे चाहते हैं कि सामूहिक दुराचार की शिकार बेटी के पहचान को सार्वजनिक किया जाए ताकि ये नाम, अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध चल रही लड़ाई का प्रतीक बने। पीडि़ता के पिता ने कहा, सामूहिक बलात्कार कांड के आरोपी रसूखदार लोग हैं। इसके कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। गौरतलब है कि मामले में आयोग ने मरवाही विधायक अमित जोगी को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। पीडि़ता के पिता ने कहा, आयोग का कोई सदस्य इस मामले में हमसे मिलने आज तक नहीं आया है और न ही इस मामले में कोई मदद की है। गवाहों के बयान को बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।

जोगी की बयानबाजी पर आयोग की अध्यक्ष ने पूर्व में ही नोटिस जारी कर चुकी है। विधायक ने पीडि़त परिवार को सीडब्ल्यूसी द्वारा की गई मदद को भी एक पल में नजरअंंदाज कर दिया, जो गलत है। बिना सोचे-समझे बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
सुभद्रा तामस्कर, सदस्य, बाल कल्याण समिति, रायगढ़
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चंदू निर्मलकर Desk
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