ऐसा क्या हो गया जंगल सफारी में कि तैनात होंगे सैंकड़ों वन रक्षक

जंगल सफारी की अंदरूनी और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पदस्थ लगभग 300 वनरक्षकों को यहां लाया जाएगा....

रायपुर. जंगल सफारी की अंदरूनी और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पदस्थ लगभग 300 वनरक्षकों को यहां लाया जाएगा। उन्हें सफारी के विभिन्न प्वाइंट्स पर तैनात करने के अलावा बाहर भी रखा जाएगा। इसमें कुछ को नंदनवन में भी रखा जाएगा। यह पूरी व्यवस्था इसलिए की जा रही है, क्योंकि जंगल सफारी में विजिटर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुरुआत में यह संख्या 1500 से 2000 प्रतिदिन थी, लेकिन अब यह 2000 से 2400 तक पहुंच रही है। पूरी व्यवस्था 3000 विजिटर्स प्रतिदिन के हिसाब से बनाई जा रही है।

फिलहाल यहां भाड़े के बसों को मिलाकर कुल 16 बसों की व्यवस्था है। इसमें जंगल सफारी की खुद की अपनी बसों की संख्या मात्र 3 है। इसे बढ़ाया जाएगा। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि लगभग पांच और बसों की खरीदी होनी है। ऐसे में बसों के फेरे भी बढ़ सकते हैं, हालांकि वन्यप्राणियों के सामान्य दिनचर्या को बाधित किए बिना अधिकतम कितने फेरे लगाए जा सकते हैं, यह फिलहाल तय नहीं हुआ है।

जंगल सफारी के लिए टिकट बुकिंग की ऑनलाइन सुविधा अब तक शुरू नहीं हो पाई है, जबकि नोटबंदी के दौर से ही प्रबंधन के अधिकारी कह रहे हैं कि इसे जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि दूर के विजिटर्स को एडवांस बुकिंग की सुविधा घर बैठे मिल सके। इस सुविधा के शुरू होने से लोगों को टिकट की उपलब्धता की भी जानकारी मिलती रहेगी, लेकिन इस काम में प्रबंधन की सुस्ती दिख रही है।

विजिटर्स की संख्या बढ़ रही है, इसलिए स्टाफ बढ़ाएंगे। बसों की खरीदी की प्रक्रिया चल रही है। विभिन्न पाइंट्स पर निर्माण कराए जा रहे हैं। ज्यादातर हिस्से के निर्माण पूरे हो चुके हैं।
अनिल सोनी, डायरेक्टर, जू एंड सफारी
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सूरज राजपूत Desk/Reporting
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