scriptRaipur Road Accident News: 152 bike riders died in 6 months in Raipur | 6 माह में 152 बाइक सवार की मौत, इनमें से ज्यादातर ने नहीं पहना था हेलमेट, ट्रैफिक पुलिस भी पड़ी नरम | Patrika News

6 माह में 152 बाइक सवार की मौत, इनमें से ज्यादातर ने नहीं पहना था हेलमेट, ट्रैफिक पुलिस भी पड़ी नरम

सड़क हादसों में सबसे ज्यादा ऐसे लोगों की मौत हो रही है, जो दोपहिया सवार हैं और बिना हेलमेट के चलते हैं। इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस ने इसकी जांच धीमी कर दी है।

रायपुर

Published: July 29, 2021 06:41:02 pm

रायपुर. सड़क हादसों में सबसे ज्यादा ऐसे लोगों की मौत हो रही है, जो दोपहिया सवार हैं और बिना हेलमेट के चलते हैं। इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस ने इसकी जांच धीमी कर दी है। बिना हेलमेट के दोपहिया चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते अधिकांश दोपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं लगा रहे हैं। यही वजह है कि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या बिना हेलमेट वालों की है। उल्लेखनीय है कि रायपुर जिले में सड़क हादसों में हर साल 300 से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 70 फीसदी मौतें दोपहिया चालकों की होती है। और सिर में गंभीर चोट की वजह से जान जाती है।
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6 माह में 152 बाइक सवार की मौत, इनमें से ज्यादातर ने नहीं पहना था हेलमेट, ट्रैफिक पुलिस भी पड़ी नरम
वर्ष 2021 में जनवरी से जून तक रायपुर के अलग-अलग स्थानों पर 327 से ज्यादा लोगों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इनमें से 152 मौतें सिर्फ दोपहिया चालकों की है। इन मौतों का सबसे बड़ा कारण हेलमेट नहीं पहनना, दूसरा शराब पीकर वाहन चलाना और तीसरा लापरवाहीपूर्वक ड्राइविंग करना है।
केवल आईटीएमएस के भरोसे
यातायात पुलिस की कार्रवाई वर्तमान में केवल आईटीएमएस के भरोसे चल रही है। आईटीएमएस के कैमरे शहर के गिने-चुने चौक-चौराहों पर लगे हुए हैं। इसकी मदद से चौराहों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का ई-चालान काटा जा रहा है, लेकिन ज्यादातर चालान तामिल नहीं हो पाते हैं। बिना हेलमेट वालों को भी इसी के जरिए ई-चालान भेजा जा रहा है। कई लोगों को यह तामिल नहीं हो रहा है। यही वजह है कि हेलमेट को लेकर लोग गंभीर नहीं हो रहे हैं।
दर्जन भर स्वाइप मशीन भी बेकार
पिछले साल डीजीपी ने ट्रैफिक चालान को कैशलैस करने का आदेश दिया था। इसमें किसी भी तरह से नगद राशि देने पर रोक लगाई थी। इसके बाद रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने दर्जन भर स्वाइप मशीन लिया था। और चेकिंग पाइंट पर स्वाइप मशीन के जरिए वाहन चालकों से चालान की राशि ली जा रही थी, जो सीधे यातायात पुलिस के खाते में जा रही थी। अब स्वाइप मशीन का उपयोग बंद हो गया है। कहीं चेकिंग होता है, तो चालान राशि नगद ले लिया जा रहा है।
टारगेट में दूसरे शहर के वाहन
यातायात पुलिस की चालान कार्रवाई कहीं-कहीं चल रही है, लेकिन उसमें बिना हेलमेट वालों कार्रवाई नहीं हो रही है। केवल दूसरे जिले के वाहन, मालवाहक वाहनों को ही टारगेट किया जा रहा है। इनमें दस्तावेजों की कमी, फिटनेस व अन्य चीजें देखी जा रही है।
हेलमेट है जरूरी
वर्ष 2020 में पूरे राज्य में दोपहिया वाहन से 6425 सड़क हादसे हुए। इनमें से 2 हजार 894 लोगों की मौत हो गई। यह मौतें अन्य वाहनों से हादसों से ज्यादा 62.8 फीसदी है। और इन हादसों में 50 प्रतिशत से ज्यादा जान केवल हेलमेट नहीं पहनने के कारण हुई है, क्योंकि उनके सिर में गंभीर चोटें आई थी। अगर इन लोगों ने हेलमेट पहना होता, तो उनके सिर में गंभीर चोट नहीं आती और उनकी जान बच सकती थी।
रायपुर डीएसपी-ट्रैफिक सतीश सिंह ठाकुर ने कहा, सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें दोपहिया सवारों की हो रही है। हेलमेट सभी को पहनना चाहिए। हेलमेट नहीं पहनने के कारण अधिकांश लोगों को सिर गंभीर चोटें आ रही हैं। कोरोना काल के चलते बिना हेलमेट पर कार्रवाई कम की जा रही थी। आईटीएमएस के जरिए बिना हेलमेट वालों पर चालान किया जा रहा है। जल्द ही सीधी कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

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