रायपुर: खेल विभाग के स्टेडियम अभी रहेंगे लॉक, निजी अकादमी संचालकों ने भी खींचे हाथ

शहर में बढ़ते संक्रमण के कारण विभाग ने स्टेडियम नहीं खोलने का लिया निर्णय, संक्रमण कम होने पर खोले जाएंगे मैदान, खेल संचालक बोले- खिलाडिय़ों की सुरक्षा प्राथमिकता।

By: Devendra sahu

Published: 11 Jun 2020, 01:03 AM IST

रायपुर. खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने राजधानी में बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों के मद्देनजर खिलाडिय़ों के लिए अभी आउटडोर स्टेडियम नहीं खोलने का निर्णय लिया है।
रायपुर में अधिकतर बड़े आउटडोर स्टेडियम खेल विभाग संचालित करता है, जिसमें स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स, फुटबॉल और सरदार वल्लभ भाई पटेल हॉकी स्टेडियम प्रमुख हैं। खिलाडिय़ों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग ने हॉकी और तीरंदाजी की अकादमी में भी प्रैक्टिस बंद रखने का निर्णय लिया है। दोनों खेल अकादमी में लगभग १०० बच्चे नियमित अभ्यास करते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण दो महीने से ज्यादा समय से उनका अभ्यास बंद है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने आउटडोर खेल के लिए सुरक्षा शर्तों के साथ ८ जून से स्टेडियम खोलने आदेश दिया था। लेकिन, खेल विभाग के मैदान न खोलने के निर्णय से खिलाड़ी निराश है।
साई सेंटर भी रहेगा बंद
रा जधानी के बूढ़ापारा स्थित आउटडोर स्टेडियम में संचालित साई सेंटर भी बंद रहेगा। साई सेंटर की इंचार्ज गीता पंत ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यालय से अभी उन्हें सेंटर खोलने और खिलाडिय़ों के अभ्यास के लिए कोई निर्देश नहीं मिले हैं। ऊपर से निर्देश मिलने के बाद ही सेंटर को खोला जाएगा और खिलाडिय़ों को वापस बुलाया जाएगा। वर्तमान में सभी खिलाडिय़ों को छुट्टी पर उनके घर भेज दिया गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने आउटडोर स्टेडियम को सब्जी बाजार के लिए अधिग्रहित कर लिया है।

अकादमी 22 जून के बाद खोलने पर निर्णय
राजधानी के निजी खेल अकादमी संचालक भी अभ्यास शुरू करने से पीछे हट गए हैं। सुभाष स्टेडियम में संचालित रायपुर बास्केटबॉल अकादमी के संचालक व प्रशिक्षक वीरेंद्र देशमुख का कहना है कि राजधानी में लगातार संक्रमित मरीजों में वृद्धि हो रही है। इस कारण 22 जून तक अकादमी नहीं खोलने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने सुभाष स्टेडियम में क्वारंटाइन सेंटर बनाने का निर्णय लिया है, जिसके कारण वहां पर खतरा और बढ़ गया है। ऐसे में अकादमी खोलना असंभव है।

अभिभावक भी नहीं भेज रहे बच्चे
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अभिभावक भी अपने बच्चों को खेल स्टेडियम में भेजने से डर रहे हैं। सप्रे शाला फुटबॉल मैदान में शेरा क्रीड़ा समिति की फुटबॉल अकादमी संचालित की जाती है। वर्तमान में बच्चे न आने के कारण अभ्यास बंद है। शेरा क्रीड़ा समिति के संचालक मुश्ताक अली प्रधान ने बताया कि परिजन अपने बच्चों को डर के कारण मैदान नहीं भेज रहे हैं। इसलिए अभी खेल शुरू होने असंभव है। कुछ बड़े बच्चे सुबह मैदान में वार्मअप और अभ्यास करने जरूर आ रहे हैं।

केवल सप्रेशाला वालीबॉल मैदान में पहुंच रहे खिलाड़ी
दूसरी ओर, सप्रे शाला वालीबॉल मैदान में शहर के कुछ महिला-पुरुष खिलाड़ी अभ्यास के लिए पहुंचने लगे हैं। यहां 8 जून से अभ्यास चालू है। प्रशिक्षक रविंद्र बागी ने बताया कि रायपुर की लगभग 8 महिला और 8 पुरुष वालीबॉल खिलाड़ी अभ्यास के लिए आ रहे हैं। सभी खिलाड़ी सेनिटाइजर अपने घर से लेकर आते हैं और वे दूरी बनाकर सोशल डिस्टेंस के साथ अभ्यास करते हैं। काफी दिनों बाद मैदान पर लौटने पर खिलाडिय़ों ने खुशी जताई।

वर्तमान समय में रायपुर में काफी तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है और अधिकतर इलाके कटेंनमेंट जोन घोषित किए जा चुके हैं। ऐसे में खिलाडिय़ों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इसीलिए अभी स्टेडियम नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है। संक्रमण कम होने पर खिलाडिय़ों के लिए स्टेडियम खोलने पर विचार किया जाएगा।
श्वेता सिन्हा, संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़

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