विदेश छोडि़ए शहर से बाहर नहीं गया ये आदमी फिर भी घर बैठे हो गया कोरोना के शिकार, डाक्टरों की उडी नींद

वे विदेश जाना तो दूर की बात है, रायपुर से बाहर नहीं गए। इसलिए इसे कम्यूनिटी स्प्रेड (सामुदायिक फैलाव) की शुरुआत भी माना जा रहा है। यानी फेज-3 की दसतक है।

रायपुर. अब तक विदेश से लौटने वालों को ही कोरोना का संदिग्ध माना जा रहा था। रायपुर, राजनांदगांव और भिलाई के कोरोना पॉजिटिवि मरीज विदेशों से ही लौटे थे। मगर, रामनगर में 60 साल के रामलाल (परिवर्तित नाम) में कोरोना के वायरस की पुष्टि ने स्वास्थ्य महकमें की नींद उड़ा दी है।

क्योंकि वे विदेश जाना तो दूर की बात है, रायपुर से बाहर नहीं गए। इसलिए इसे कम्यूनिटी स्प्रेड (सामुदायिक फैलाव) की शुरुआत भी माना जा रहा है। यानी फेज-3 की दसतक है। उधर, रामलाल को बुधवार आधी रात एम्स में भर्ती करवा दिया। रामलाल के अपने दो बेटों के परिवार और किराएदार समेत 15 लोगों को होम आईसोलेशन में रख दिया गया है। इनमें रामलाल की पत्नी, पौते-पौती भी शामिल हैं।

पत्रिका टीम रामलाल के घर उस दौरान मौजूद थी, जब वहां पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम जांच के लिए पहुंची थी। रामलाल के दो बेटे हैं, एक खुद की गाड़ी चलाता है तो दूसरा एक डॉक्टर की गाड़ी। पूछे जाने पर परिजनों ने बताया कि साहब, पिताजी महीनों से घर पर ही रहते आ रहे हैं। मगर, नल कनेक्शन संबंधी समस्या को लेकर दो बार जोन-८ कार्यालय जरूर गए थे। मगर, रामलाल तक वायरस कहां से पहुंचा, यह अनसुलक्षी पहेली बनी हुई है। फिलहाल, परिवार के सभी सदस्यों के सैंपल लेकर जांच के आदेश स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर सीएमएचओ को जारी कर दिए हैं।

तीन पॉजिटिव केस से पूरा शहर दहशत में है

शहर में पहला पॉजिटिव केस 19 मार्च को समता कॉलोनी मिला, दूसरा 25 मार्च को ओसियम चौक और इसी दिन ही तीसरा केस रामनगर गुढिय़ारी में सामने आया। पत्रिका टीम इन तीनों ही क्षेत्रों में पहुंची, जहां पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। ओसियम चौक के पास रहने वाली लंदन से लौटी युवती के यहां काम करने वाली चारों बाईयों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा जा चुका है। ये आकाशवाणी चौक स्थिति उत्कल बस्ती में रहती हैं। इस बस्ती में खामोशी है। हर घर में कोरोना संबंधित बैनर-पोस्टर लगे हुए हैं। बस्ती में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी है। सभी डरे हुए हैं।

अफवाहों से बचें, घर पर ही रहें- कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की संख्या को लेकर सोशल मीडिया में अलग-अलग आंकड़े और खबरें चल रही हैं। इन अफवाहों से बचें। अपने परिवार के साथ घर पर ही रहें, तभी आप सुरक्षित हैं।

डॉक्टरों का अनुरोध

इस वायरस को जैसे भी हो, हमें कम्प्यूनिटी में जाने से रोकना ही होगा। हम डॉक्टरों का अनुरोध है कि आपने अगर अपने बारे में अब तक जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी है, तो दें। आप ही हैं जो वायरस को फैलने से रोक सकते हैं। ऐसा न हो कि आपके आने में बहुत देर हो जाए।

डॉ. स्मित श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, कॉडियोलॉजी, एडवांस कॉर्डियक इंस्टीट्यूट

स्वास्थ्य विभाग उलझा

मरीज को एम्स में बीती रात ही भर्ती करवा दिया गया था। मगर, अभी तक हमारे लिए यह रहस्य ही है कि आखिर वायरस उस तक पहुंचा तो पहुंचा कैसे? पूरा इलाका सर्विंलेस में ले लिया गया है।
डॉ. धमेंद्र गहवईं, राज्य नोडल अधिकारी, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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