आठ महीने से नहीं मिला राशन दुकान संचालकों का कमीशन

अब 500 कार्डों पर एक राशन दुकान करने की भी तैयारी, लॉकडाउन के दौरान बांटा था मुफ्त खाद्यान्न

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 22 Nov 2020, 07:40 PM IST

रायपुर. प्रदेश की 12 हजार से ज्यादा सरकारी उचित मूल्य दुकान संचालकों को लॉकडाउन में बांटे गए मुफ्त खाद्यान्न का अप्रैल से लेकर अक्टूबर माह का कमीशन नहीं मिला है। लॉकडाउन को देखते हुए शासन ने राशन देने संबंधित कई निर्णय लिए था। इसमें बीपीएल वर्ग के लोगों को निशुल्क राशन का वितरण किया गया है। प्रदेश में 12 हजार 523 उचित मूल्य की दुकान से राशनकार्ड की कटौती करते हुए सिर्फ 500 राशन कार्ड पर एक दुकान की जा रही है। इसका विरोध अब राशन दुकान संचालक करने लगे हैं।

इस तरह विक्रेताओं को आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकान संचालकों का कहना है किदुकानों में हर माह 25 हजार रुपए खर्च होते हैं। जिसमें सेल्समेन 10000, हेल्पर 8000, बिजली बिल 500, स्टेशनरी 1000, टेब रिचार्ज 400, सूकत 1000, दुकान-गोदाम किराया 5000 रुपए देना होता है। संस्था का खर्च 1000 रुपए, कमीशन 5000 से 6000 रुपए खर्च होता है। जिसके कारण दुकानों का कमीशन नहीं मिलने के कारण कालाबाजारी और राशन की चोरी बढ़ गई। जिससे जनता को खाद्यान नही मिल पा रहा था। कार्यकर्ताओं को भी कोई लाभ इस योजना से होने वाला नहीं है। इस योजना से दलालों, माफियाओं को ही फायदा मिलेगा।

ग्रामीण इलाकों में 3753 राशन दुकान, शहरी इलाके में 1147 दुकान

प्रदेश में 4900 से ज्यादा राशन दुकानों में 1500 से ज्यादा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड है। इस तरह करीब 4900 राशन दुकानें खोलने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में 3753 राशन दुकान, शहरी इलाके में 1147 दुकान है। जिससे लोगों को राशन दुकान संचालकों को खाद्यान्न मिलता है।

जल्द होगा भुगतान

रायपुर नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि कमीशन जारी किया जा रहा है। इसके लिए मार्कफेड को पत्रचार किया गया था। जल्द ही कमीशन का भुगतान कर दिया जाएगा।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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