परीक्षा शुल्क के नाम प्रति छात्र लिया था 1200 से 1900 रुपये, ऑनलाइन एग्जाम होने मांग रहे वापस

राशि को पाने के लिए छात्रों ने कई बार महाविद्यालय प्रबंधन और विश्वविद्यालय प्रबंधन को जानकारी दी। हर बार छात्रों को आश्वासन देकर टरका दिया गया। एक बार फिर छात्रों ने परीक्षा शुल्क वापस लेने को लेकर झंडा बुलंद किया है। पूरे मामले में रविवि प्रबंधन ने विचार करने की बात कही है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 30 Sep 2020, 02:46 PM IST

रायपुर. कोरोना काल में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर स्थगित और वार्षिक परीक्षा ऑनलाइन शुरू कर दी है। परीक्षा ऑनलाइन शुरू करने के बाद भी छात्रों से ले चुके ऑफलाइन शुल्क को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वापस नहीं किया है। यह राशि करोड़ों में है।

इस राशि को पाने के लिए छात्रों ने कई बार महाविद्यालय प्रबंधन और विश्वविद्यालय प्रबंधन को जानकारी दी। हर बार छात्रों को आश्वासन देकर टरका दिया गया। एक बार फिर छात्रों ने परीक्षा शुल्क वापस लेने को लेकर झंडा बुलंद किया है। पूरे मामले में रविवि प्रबंधन ने विचार करने की बात कही है। अब देखना यह है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों का पैसा कब तक वापस करता है।

लगभग 1.38 छात्रों से लिया है पैसा

रविवि प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के लगभग १.३८ छात्रों ने परीक्षा शुल्क दिया है। परीक्षा शुल्क, छात्रों का प्रश्न पत्र तैयार करने, उनका प्रिंट कराने, उत्तर पुस्तिका, उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों का भुगतान करने में दिया जाता है। मामले में रविवि प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा ऑनलाइन कराने के दौरान भी पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय का खर्च बढ़ा है। छात्रों ने ही कोविड गाइड लाइन का उल्लंघन किया, जिस वजह से उत्तर पुस्तिका वितरण बंद हुआ है। छात्रों द्वारा पैसा मांगे की जानकारी उन्हें भी मिली है। मामले में प्रबंधन द्वारा विचार किया जा रहा है।

छात्र संगठन दे चुका है ज्ञापन

छात्रों को जमा हुआ परीक्षा शुल्क वापस मिल सके, इसलिए रविवि प्रबंधन को एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन सौपने के दौरान पदाधिकारियों ने पैसा वापस नहीं मिलने पर प्रदर्शन करने की बात कही थी। एनएसूआई की मांग पर रविवि प्रबंधन ने पैसा वापस करने का आश्वासन दिया था। यह आश्वासन लेकिन ठंडे बस्ते में चला गया। एनएसयूआई के पदाधिकारी दोबारा रविवि प्रबंधन से मिलने की तैयारी कर रहे है।

वार्षिक परीक्षा के आयोजन में विश्वविद्यालय प्रबंधन का उतना ही खर्च हो रहा है। जितना पूर्व सत्र की परीक्षा लेने के दौरान हुआ था। छात्रों को उत्तर पुस्तिका मुहैय्या कराई जा रही थी। छात्रों ने एसओपी का उल्लंघन किया, जिस वजह से उच्च शिक्षा विभाग ने उत्तर पुस्तिका वितरण में पाबंदी लगा दी। छात्रों की शिकायत पर विचार किया जा रहा है। छात्र नियमों का पालन करें, उनकी हर मांग पूरी होगी।

-के. एल. वर्मा, कुलपति, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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