गार्डन, डबल रोड के नाम पर लोगों को लूट रहा RDA, पहले से महंगी जमीन अब और हुई महंगी

गार्डन, डबल रोड के नाम पर लोगों को लूट रहा RDA, पहले से महंगी जमीन अब और हुई महंगी

Deepak Sahu | Publish: Feb, 07 2019 10:07:15 AM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

कार्नर प्लॉट के नाम पर रायपुर विकास प्राधिकरण व हाउसिंग बोर्ड ने कमाई का नया जरिया ढूंढ निकाला है

रायपुर. गार्डन फेसिंग, डबल रोड, कार्नर प्लॉट के नाम पर रायपुर विकास प्राधिकरण व हाउसिंग बोर्ड ने कमाई का नया जरिया ढूंढ निकाला है। आरडीए तो चौड़ी सडक़ों के नाम पर भी अतिरिक्त राशि वसूल कर रहा है।

स्थिति यह है कि कॉर्नर प्लॉट, डबल रोड के नाम पर वसूली में इन एजेंसियों ने निजी बिल्डरों को भी पीछे छोड़ दिया है। अपने प्रोजेक्ट में ये सरकारी एजेंसियां ग्राहकों से 2 फीसदी से लेकर 15 फीसदी तक अतिरिक्त राशि वसूल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक अतिरिक्त राशि का प्रावधान तय किया गया है।

आरडीए के कमल विहार में यह स्थिति

क्रं. वस्तुस्थिति अतिरिक्त राशि
1 कार्नर प्लॉट 10 फीसदी
2 18 मीटर चौड़ी सडक़ 2 फीसदी
3 गार्डन फेसिंग 5 फीसदी
4. कार्नर, गार्डन फेसिंग, 18 मीटर चौड़ी सडक़ 15 फीसदी
5 कार्नर एंड गार्डन फेसिंग 13 फीसदी
6 कार्नर, 18 मीटर चौड़ी सडक़ 12 फीसदी
7 18 मीटर चौड़ी सड़क व गार्डन फेसिंग 7 फीसदी

आरडीए के सीइओ नरेंद्र शुक्ल ने बताया कि नियमों के मुताबिक अलग-अलग प्रावधानों के लिए राशि तय की गई है। इससे प्राप्त होने वाले राशि से अधोसंरचना तैयार किए जाने का नियम है।

लीज और फ्री होल्ड के नाम पर भी वसूली
आरडीए के कमल विहार में 2000 रुपए तक के भूखंड में वर्तमान लीज दर के लिए 1472 रुपए व फ्री होल्ड के लिए 1781 रुपए प्रति वर्गफुट की दर निर्धारित की गई है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने अब सभी जमीनों को लीज से फ्री होल्ड करने का नियम भी जारी किया है।

24 लाख के प्लॉट में 3.15 लाख अतिरिक्त
आरडीए के कमल विहार में यदि आप गार्डन फेसिंग, 50 फीट से अधिक चौड़ी सडक़, कार्नर प्लॉट में जमीन लेना चाहे तो आपको प्रति वर्गफुट 267 रुपए अधिक देना पड़ेगा, वहीं 21 लाख के प्लॉट में 3.15 लाख की राशि अतिरिक्त चुकानी पड़ेगी।

Kamal vihar

गार्डन के नाम पर वसूली और हाल बेहाल
आरडीए-हाउसिंग बोर्ड ने गार्डन, चौड़ी सडक़ों के नाम पर लोगों से अतिरिक्त राशि तो वसूल कर ली, लेकिन जब हमने हालातों पर गौर किया तो ना ही गार्डन सही मिला और ना ही सडक़। गार्डन के नाम पर आरडीए और हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में सिर्फ मुरझाएं पौधे नजर आए। जिस प्रावधान के लिए लोगों से अतिरिक्त राशि की वसूल की जा रही है, उसकी हालत बदतर नजर आ रही है।

इसलिए और महंगे हुए प्लॉट : प्लॉट लेने के पहले अलग-अलग नियम कानून बताकर इन एजेंसियों ने जमीन को महंगी कर दी गई है। वैसे भी आरडीए के कमल विहार में बेस रेट इस इलाके में अन्य निजी बिल्डरों से काफी महंगी रखी गई है।

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