अफसरों-कर्मचारियों के रिटायर होने से पहले करें गड़बड़ी की वसूली, लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

नगरीय प्रशासन विभाग को ओर से जारी आदेश में इस बात को लेकर नाराजगी जताई गई है कि अधिकांश मामलों में कार्रवाई समय पर नहीं होती है। पेंशन प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर इसकी जानकारी होती है। इसके कारण अधिकांश सेवानिवृत्ति हुए कर्मचारी से वसूली की स्थिति निर्मित होती है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 24 May 2020, 04:57 PM IST

रायपुर. सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के अतिरिक्त वेतन व अन्य मद में हुई गड़बड़ी की वसूली विभागीय अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं। इससे सरकार को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को पेंशन प्रकरण के निराकरण में भी दिक्कत आ रही है। इसे लेकर सरकार ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है कि वसूली की कोई भी कार्रवाई सेवानिवृत्त होने के 24 महीने पहले की जाए, ताकि आगे कोई दिक्कत नहीं हो।

नगरीय प्रशासन विभाग को ओर से जारी आदेश में इस बात को लेकर नाराजगी जताई गई है कि अधिकांश मामलों में कार्रवाई समय पर नहीं होती है। पेंशन प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर इसकी जानकारी होती है। इसके कारण अधिकांश सेवानिवृत्ति हुए कर्मचारी से वसूली की स्थिति निर्मित होती है। इसके बाद वसूली की कार्रवाई होने पर मामला न्यायालय में चला जाता है। इसे लेकर न्यायालय ने भी आपत्ति जताई थी।

इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से पहले ही वसूली प्रकरण का निराकरण कर लें। विभाग ने कहा कि यदि इसके बाद अधिकारी-कर्मचारी से वसूली की स्थिति निर्मित होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसी लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

वसूली से पहले कारण बताओ नोटिस

जारी आदेश में कहा गया है कि वसूली की कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब लिया जाए। जवाब के आधार पर ही स्पष्ट कारणों का उल्लेख करते हुए वसूली की कार्रवाई की जाए।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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