गृह विभाग के रिटायर्ड अफसर को साइबर ठगों ने बनाया शिकार, भूलकर भी आप न करें ये गलती

Cyber Crime News: साइबर ठग आमलोगों को झांसा देकर ठगते रहते हैं, लेकिन इस बार गृह मंत्रालय के इंटेलीजेंस विभाग के रिटायर्ड अधिकारी को ही ठग लिया। भूलकर भी आप न करें ये गलती।

By: Ashish Gupta

Published: 21 Aug 2021, 03:59 PM IST

रायपुर. Cyber Crime News: साइबर ठग आमलोगों को झांसा देकर ठगते रहते हैं, लेकिन इस बार गृह मंत्रालय के इंटेलीजेंस विभाग के रिटायर्ड अधिकारी को ही ठग लिया। उन्हें मोबाइल सिम की केवायसी कराने का झांसा दिया और एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने कहा। इसके बाद उनके बैंक खाते से 2 लाख रुपए से अधिक की राशि का आहरण हो गया। इसकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

पुलिस के मुताबिक गायत्री नगर निवासी मोनिषचंद्र कौशिक गृह मंत्रालय के असूचना विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए हैं। 18 अगस्त को एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और बताया कि उनका बीएसएनएल सिम काफी पुराना है। इसका केवायसी कराना होगा। मोनिष केवायसी कराने के लिए राजी हो गए। इसके बाद आरोपी ने केवायसी जल्दी करने के लिए क्यूएस मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा।

उन्होंने क्यूएस मोबाइल ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद आरोपी ने उन्हें 10 रुपए ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा। आरोपी के बताए अनुसार जैसे ही उन्होंने 10 रुपए ऑनलाइन भुगतान किए, वैसे ही उनके एसबीआई बैंक खाता से 2 लाख 3 हजार 57 रुपए 85 पैसे का आहरण हो गया। इसकी शिकायत पर खम्हारडीह पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

यह भी पढ़ें: चिटफंड कंपनियों से रकम वापसी के लिए उमड़ी भीड़, अंतिम दिन 25 हजार अर्जियां जमा

ठगी का पुराना पैटर्न
मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर ठगी करना साइबर ठगों का पुराना पैटर्न है। अब तक कई लोगों को निशाना बना चुके हैं। ठग अक्सर केवायसी, रिचार्ज, बिल भुगतान जैसे कार्य जल्दी करने के लिए मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। ऐप डाउनलोड करते ही पीडि़त का मोबाइल एक्सेस ठगों को मिल जाता है। इसके बाद 5 या 10 रुपए का ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहते हैं। ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया के दौरान पीडि़त का बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड नंबर, पासवर्ड, फोन पे आदि की पूरी जानकारी उन्हें मिल जाती है। इसके जरिए पीडि़त के बैंक खाते से ऑनलाइन रकम निकाल लेते हैं।

सिम की केवायसी का देते हैं झांसा
बैंक खातों का केवायसी अपडेट होता है, लेकिन मोबाइल सिम की केवायसी केवल एक बार होती है। इसके बाद भी जब ठग मोबाइल सिम की केवायसी कराने के नाम पर झांसा देते हैं, तो लोग समझ नहीं पाते हैं। इसी के चलते ठगी के शिकार होते हैं। कई बार ठग सिम ब्लॉक या बंद होने की झूठी जानकारी देते हैं।

यह भी पढ़ें: हर तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सुरक्षित है कार्ड प्रोटेक्शन प्लान, जानें किस तरह से करता है ये काम

इस तरह बचें ठगी से
ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। किसी भी तरह की केवायसी संबंधित संस्था जाकर या उनकी अधिकृत वेबसाइट से कराएं। अनजान लोगों द्वारा बताए किसी भी तरह के मोबाइल एप को डाउनलोड न करें।

Show More
Ashish Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned