नहीं हटा टोल नाका का ढांचा, सड़कों पर मौजूद गड्ढों से बढ़ी लोगों की मुसीबत

रिंग रोड एक पर ओवरब्रिज से तेजी से भारी वाहनों का ट्रैफिक दौडऩे लगा है साथ ही कई जगहों पर सर्विस रोड खराब हो चुकी हैं

By: Deepak Sahu

Updated: 10 Mar 2019, 11:45 AM IST

रायपुर. राजधानी के दोनों तरफ आबादी से घिरी रिंग रोड एक पर ओवरब्रिज से तेजी से भारी वाहनों का ट्रैफिक दौडऩे लगा है। इसके साथ ही आसपास के मोहल्लों और कॉलोनियों की मुसीबत बढ़ गई है, क्योंकि कई जगहों पर सर्विस रोड खराब हो चुकी हैं। जबकि इसी रास्ते से छोटे वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक होती है।

इसके बावजूद एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी न तो सर्वे करा रहे हैं और न ही मरम्मत कराने का नाम ले हैं। दूसरी तरफ विवादों में पिछले आठ सालों से घिरा सुंदर नगर टोल नाका का ढांचा पूरी तरह से साफ नहीं किया गया है।

रायपुरा अंडरपास से शहर के गोलचौक वाली रोड की तरफ मुंडते ही लगभग 200 मीटर सर्विस रोड का किनारा गड्ढों में तब्दील हो चुका है। दोनों तरफ के छोटे वाहनों की आवाजाही होती है। दूसरी तरफ गोडाउन होने के कारण जिस समय ट्रक घुसते हैं तो फिर वहां से निकलना मुश्किल होता है।

रास्ते की सर्विस रोड का एक बड़ा पेंच कुशालपुर चौक पर बनी फ्लाईओवर के पहले तक उखड़ चुकी हे। जैसे ही भारी वाहन रफ्तार से निकलते हैं तो खतरा बढ़ जाता है।

 

संतोषीनगर अंडरपास तक सर्विस रोड बदहाल
इसी रिंग रोड के फिल्टर प्लांट से आगे निकलते ही बकरा मार्केट संजयनगर सेक्टर वाली सर्विस रोड पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं। नुकीली गिट्टिया से होकर वाहन चालक संतोषी नगर अंडरपास तक पहुंचते हैं। संतोषीनगर की इस फ्लाईओवर के दूसरी तरफ मठपुरैना चौक जिस जगह से हाइवे के क्षेत्रिय अधिकारियों ने रिंग के लिए प्वाइंट दिए हैं, वह दायरा जानलेबा साबित होता है।

आसपास के इन क्षेत्रों की बढ़ी दिक्कतें
सुंदरनगर, कुशालपुर, कुशालपुर बस्ती, राधास्वामी नगर, संजय नगर से जो लोग सीधे सर्विस रोड से आना-जाना करते हैं। क्योंकि भाठागांव और कुशालपुर नई फ्लाईओवर चालू होने से छोटे वाहनों का ट्रैफिक सर्विस रोड पर ही बढ़ गया है। दोनों प्रमुख चौक की नई ब्रिज के दोनों तरफ जो खुला हुआ प्वांइट था उसे हादसे को देखते हुए बंद कर दिया गया है। लेकिन हाइवे के क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सर्विस रोड नहीं सुधरने के कारण लोगों का आने-जाने में काफी दिक्कतें होती है।

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी वी.एस. मीणा ने बताया कि टाटीबंध से तेलीबांधा चौक तक रिंगरोड पर ट्रैफिक तेजी से बढ़ा है। सर्विस रोड का जो दायरा खराब हो चुका है, उसका मरम्मत कराया जाएगा। जल्द ही काम शुरू कराएंगे।

राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए मुख्य अभियंता बनाने की चर्चा
पीडब्ल्यूडी के राष्ट्रीय राजमार्ग और ब्रिज परिक्षेत्र में एक मुख्य अभियंता को जिम्मेदारी देने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अलग-अलग विभाग होने से सडक़ और ब्रिज बनाने में तालमेल नहीं हो पाता है। एक मुख्य अभियंता होने से विभाग का स्थापना व्यय भी काफी हद तक कम हो जाएगा। लेकिन इस मसले पर विभाग के जिम्मेदार अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि पिछली सरकार ने पीडब्ल्यूडी के इन दोनों विभाग के मुख्य अभियंता पद को अलग-अलग कर दिया था।

दस साल पहले एक था : विभाग के अनुसार दस साल पहले वर्ष 2005-06 में ब्रिज परिक्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग का काम एक मुख्य अभियंता देखते थे। इनमें जीएस सोलंकी, केके श्रीवास्तव, एके श्रीवास्तव शामिल हैं, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के दोनों परिक्षेत्र में अलग-अलग मुख्य अभियंता पदस्थ किए जाने लगे। इस समय विभाग के सबसे वरिष्ठ इंजीनियर केके पिपरी को राष्ट्रीय राजमार्ग को तो ब्रिज जोन के मुख्य अभियंता का पद खाली है। इसे देखते हुए विभाग के गलियारे में दोनों परिक्षेत्र में एक मुख्य अभियंता बनाने की सुगबुगाहट चल रही है।

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