सैफई मेडिकल कॉलेज जैसी न हो घटना इसलिए रैगिंग रोकने इस यूनिवर्सिटी ने लिया बड़ा एक्शन

Saifai Ragging Case: उत्तर प्रदेश के सैफई मेडिकल कॉलेज (Saifai Medical College) में रैगिंग से उठे बवाल के बाद पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय (Ravishankar Shukla University) ने छात्रों के साथ रैगिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

By: Ashish Gupta

Updated: 23 Aug 2019, 06:41 PM IST

रायपुर. Saifai Ragging Case: उत्तर प्रदेश के सैफई मेडिकल कॉलेज (Saifai Medical College) में रैगिंग से उठे बवाल के बाद पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय (Ravishankar Shukla University) ने छात्रों के साथ रैगिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। रविवि परिसर और हॉस्टल में सीसीटीवी से छात्रों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। रैगिंग रोकने के लिए 2 टीम बनाई गई है।

विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों ने अपने कैंपस और दूसरे कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्पष्ट कर दिया है कि रविशंकर विश्वविद्यालय नो रैगिंग जोन है। रविशंकर परिसर और उससे संबंद्ध रखने वाले कॉलेजों में यदि प्रवेश लेने वाले छात्रों की रैगिंग सीनियर छात्र लेते हैं और इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन तक पहुंचती है तो रैगिंग लेने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे परिसर से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

रविवि पीआरओ सुपर्ण सेन ने कहा, विश्वविद्यालय में रैगिंग रोकने के लिए हमने पूरी तैयारी कर ली है। सेंट्रल एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग स्क्वायड रैगिंग करने वाले छात्रों पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। रैगिंग की शिकायत मिलने पर आरोपी स्टूडेंट्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Saifai Ragging Case Ravishankar University take strict action ragging

यूजीसी (UGC) की यह गाइडलाइन
- कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी या एंटी रैगिंग स्क्वायड बनाया जाए।
- कॉलेज के प्रोस्पेक्टस, बुकलेट या ब्रोशर में एंटी रैगिंग वार्निंग दी जाए।
- इंस्टीट्यूट की वेबसाइट पर एंटी रैगिंग कमेटी के नोडल अधिकारी की कांटेक्ट डिटेल दी जाए।
- नए छात्र-छात्राओं से रोजाना इंटरेक्शन और उनकी काउंसलिंग की जाए।
- कॉलेज की अधिकारियों द्वारा सरप्राइस इंस्पेक्शन किया जाना चाहिए।
- एंटी रैगिंग वर्कशॉप, सेमिनार आयोजित की जाए।
- गोपनीयता को प्रभावित किए बिना सुरक्षा एप्स तैनात किए जाएं।
- यदि कोई स्टूडेंट रैगिंग जैसी समस्या से जूझ रहा है तो वह नेशनल एंटी रैगिंग कमेटी के हेल्पलाइन नंबर 18001805522 पर शिकायत कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय में ये है तैयारी
- कैंपस और हॉस्टल को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया है।
- विश्वविद्यालय के नोटिस बोर्ड और कुछ खास जगहों में पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इन पोस्टरों में रैगिंग के कड़े कानूनों का जिक्र होगा।
- विश्वविद्यालय परिसर में बोर्ड में नो रैगिंग जोन का होर्डिंग लगाया गया है।
- रैगिंग की शिकायत स्टूडेंट्स 9424215539, 9425258422 में कॉल करके भी कर सकते हैं।

रैगिंग कमेटी में यह शामिल
- सेंट्रल एंटी रैगिंग कमेटी में डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ शम्स परवेज, डॉ राजीव चौधरी, डॉ. एमिया एक्का, डॉ. एलएस गजपाल, डॉ. सीडी अगासे, डॉ. रीता वेनुगोपाल, डॉ. मधुलता बर्रा, डॉ. आरती परगनिहा, डॉ. मीता झा, डॉ. अशोक प्रधान, डॉ. एमएल सतनामी, डॉ. अंबर व्यास, डॉ. लक्ष्मीकांत, प्रोफेसर केके घोष और प्रोफेसर आरके ब्रम्हे शामिल हैं। एंटी रैगिंग स्क्वायड में प्रबंधन ने डॉ. डीपी बिसेन, डॉ. एलएल गजपाल और डॉ. कमलेश कुमार शुक्ला को शामिल किया गया है।Saifai Ragging Case

Show More
Ashish Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned