रेत की कीमतों में लगी आग: अब तक की सबसे ऊंची कीमत, माफियाओं के पास अवैध स्टॉक फिर भी जांच नहीं

वर्तमान में 600 फीट गाड़ी में 10-12 रुपए प्रति फीट के हिसाब से रेत की कीमत 6000 रुपए से 7200 रुपए लोडिंग पड़ रही है, वहीं रॉयल्टी अलग से। रॉयल्टी की कीमत 500 रुपए से बढ़कर 3500 रुपए तक पहुंच चुकी है। इस मामले में अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 03 Jul 2020, 04:55 PM IST

रायपुर. प्रदेश में रेत की कीमतों में आग लग चुकी है। एक तरफ जब अन्य बिल्डिंग मटेरियल्स की कीमतें स्थिर है, वहीं दूसरी तरफ रेत की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से यह आम लोगों से दूर होता नजर आ रहा है। रेत की कीमतें 2200 रुपए की जगह अब 9 से 10 हजार रुपए गाड़ी (600 वर्गफीट) तक पहुंच चुका है।

इस मामले में जिला खनिज विभाग ने अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक माफियाओं पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है, वहीं रॉयल्टी के मामले में भी अभी तक अधिकारियों ने फर्जी बिलिंग आदि की जानकारी प्राप्त नहीं की गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मुताबिक 15 जून से 15 अक्टूबर तक बंद रहेंगे ।

वर्तमान में 600 फीट गाड़ी में 10-12 रुपए प्रति फीट के हिसाब से रेत की कीमत 6000 रुपए से 7200 रुपए लोडिंग पड़ रही है, वहीं रॉयल्टी अलग से। रॉयल्टी की कीमत 500 रुपए से बढ़कर 3500 रुपए तक पहुंच चुकी है। इस मामले में अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। देश के अन्य राज्यों की तुलना में भी पड़ोसी राज्यों के मुताबिक प्रदेश में रेत महंगी कीमतों पर बेची जा रही है। रेत परिवहन करने वाले ट्रेडर्स और आम ग्राहकों को रॉयल्टी भुगतान की जो पर्ची दी जा रही है, उसमें कहीं भी रॉयल्टी और रेत की लोडिंग कीमत नहीं लिखी जा रही है।

लगाम नहीं लगा तो चार महीने परेशान होंगे ग्राहक

छोटे ट्रेडर्स व दुकानदारों का कहना है कि यदि इस मामले पर लगाम नहीं लगाया गया तो चार महीने ग्राहक काफी परेशान होंगे। घाट बंद होने की वजह से कीमतों पर लगातार दबाव बढ़ते जाएगा। सूत्रों के मुताबिक खदानों के बंद होने से बड़े रेत माफियाओं ने पहले से ही बड़ी तादाद में रेत की स्टॉकिंग कर ली है।

राजधानी के कई टे्रडर्स का कहना है कि गैरकानूनी स्टॉकिंग को लेकर अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों ने छापेमारी भी नहीं की है। खनिज विभाग के उप-संचालक हरिकेश मारवाह ने इससे पहले इसी मुद्दों पर कार्यवाही की बात कही थी, लेकिन कार्यवाही नहीं होने से बाजार में भाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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