राज्य सरकार का प्रस्ताव मिलने के बाद ही चलेगी सारनाथ एक्सप्रेस

डीआरएम ने कहा- ट्रेन चलाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला
लोगों को 15 से 20 हजार रुपए में करनी पड़ती है निजी टैक्सी

By: VIKAS MISHRA

Updated: 25 Aug 2020, 02:04 AM IST

रायपुर . दुर्ग और छपरा के बीच चलने वाली सारनाथ एक्सप्रेस राज्य सरकार की पहल के बाद ही चलेगी। रेलवे प्रशासन को राज्य सरकार के प्रस्ताव का इंतजार है। वर्तमान सारनाथ एक्सप्रेस नहीं चलने के कारण लोगों को 15 से 20 हजार रुपए निजी टैक्सी करके आना-जाना करना पड़ता हो। सारनाथ ट्रेन चलाने के सवाल पर रायपुर रेल मंडल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता ने साफ किया कि राज्य शासन को आगे आना होगा। तभी ट्रेन चलाई जा सकती है।
देश में राज्यों के बीच आवाजाही के लिए ई-पास की पाबंदी हट चुकी है। रायपुर रेल मंडल की सारनाथ एक्सप्रेस ऐसी ट्रेन है, जो चार राज्यों को जोड़ती है। मध्यप्रदेश, यूपी और बिहार मूल के बड़ी संख्या में लोग छत्तीसगढ़ राज्य के अनेक हिस्सों में रहते हैं। उनके लिए सारनाथ और नवतनवा ट्रेन एक मात्र साधन है। लोगों के घर-परिवार में कोई दुखद घटना होने की स्थिति में भी उन्हें निजी टैक्सी वालों को 15 से 20 हजार रुपए किराया देना पड़ता हैं। क्योंकि दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी रेलवे लाइन पर पिछले पांच महीने से अधिक समय से ट्रेन परिचालन ठप है। जबकि, अहमदाबाद से हावड़ा, मुंबई से हावड़ा और नईदिल्ली से बिलासपुर के बीच रेलवे ट्रेन चला रहा है।
सारनाथ एक मात्र ट्रेन, पितृपक्ष 2 से
सारनाथ एक्सप्रेस ही एक मात्र ऐसी ट्रेन है, जिससे राज्य के लोग अस्थि विसर्जन करने संगम इलाहाबाद जाते हैं। 2 सितंबर से पितृपक्ष भी शुरू हो रहा है। इस पक्ष में लोगों को अपने पितरों का पिंडदान और गयाधाम पहुंचाने के लिए इंतजार रहता है। लेकिन दुर्ग-सारनाथ एक्सप्रेस चलाने से रेलवे प्रशासन ने यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि राज्य सरकार को प्रस्तावित करना होगा।
अगले वर्ष जून से चलेंगी 130 किमी. स्पीड वाली टे्रन
कोरोनाकाल के पांच महीने बाद पहली बार सोमवार को रायपुर रेल मंडल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता ने ऑनलाइन मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा किए। उन्होंने कोविड-19 के दौर में रेलवे के कार्यों, उपयोगी सामग्री स्पेशल पार्सल ट्रेनों से पहुंचाने और गाडिय़ों का परिचालन जून 2021 तक 130 किमी की स्पीड से चलाने समेत अनेक जानकारियां दी। इसके अलावा पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए। सीनियर डीसीएम आर. सुदर्शन ने कोरोना की वजह से हुए नुकसान और आय का पे्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि 9 करोड़ रुपए रेल यात्रियों को रिफंड किया है। संक्रमण से बचते हुए रेलवे लगातार मुस्तैद रहा। रेल अफसरों ने कहा कि 55 कोच आइसोलेशन वार्ड के रूप में तैयार हैं।

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