स्कूल शिक्षा विभाग वर्क फ्रॉम होम में गढ़ रहा विद्यार्थियों का भविष्य

ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प किया तैयार, पढ़ाने के लिए शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण, नई राह- नई उम्मीदें-लॉकडाउन के दौरान ई-ऑफिस से हो रहा काम

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 16 May 2020, 01:21 AM IST

रायपुर . कहते हैं आवश्यकता ही अविष्कार की जननी होती है। कोरोना संक्रमण के दौरान यह कहावत प्रदेश के कई विभागों में एकदम सटीक बैठती है। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग भी शामिल है। विभाग ने विद्यार्थियों का भविष्य गढऩे के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत की है। स्वयं के संसाधानों से वेबसाइट बनाया और शिक्षकों से वीडियो और कोर्स से जुड़ी जानकारी मांगाकर वेबसाइट पर अपलोड की। इसके अलावा ऑफिस में रोटेशन में 30 फीसदी कर्मचारियों को बुलाकर विभाग से जुड़ी रीति और नीति बना रहा है। इससे विभाग ईंधन और रखरखाव के नाम पर लाखों रुपए की बचत कर सरकार की आर्थिक मदद भी कर रहा है।
कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से स्कूल शिक्षा विभाग काफी वृहद रूप रखता है। इसका कार्य क्षेत्र भी बहुत व्यापक है। इसके अधिकांश कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम का फार्मूला लागू है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी राजपत्रित अधिकारियों को काम पर आने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या केवल 30 फीसदी तक सीमित कर दी है। फिलहाल ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण स्कूलें बंद हैं, लेकिन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए पढ़ाई तुहर द्वार अभियान शुरू किया गया है। खास बात यह है कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। इससे भोजन-पानी और अन्य व्यवस्थाओं के खर्च में भी कटौती हो गई।

मोबाइल फोन और ई-मेल से निर्देशों का आदान-प्रदान

स्मार्टफोन आने के बाद से विभाग का कामकाज ज्यादा मुश्किल नहीं रहा है। अधिकारियों व कर्मचारियों तक मोबाइल या फिर ई-मेल के जरिए जरूरी सूचनाएं और निर्देश पहुंच जाता है। लॉकडाउन के चलते ई-ऑफिस की निर्भरता और ज्यादा बढ़ी है, लेकिन जैसे ही सरकार ने ऑफिस खोले कर्मचारी-अधिकारी पुराने मैन्युअल वाले ढर्रे पर आते जा रहे हैं।

फीस नियंत्रण के लिए ऑनलाइन सुझाव

प्रदेश में निजी स्कूलों के फीस नियंत्रण के लिए मंत्रिपरिषद की उप समिति गठित की गई है। उप समिति नियम व कायदे बनाने के लिए आम लोगों से भी सुझाव ले रही है। इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गई है। वहीं स्कूल तक सरकारी आदेश को पहुंचाने के लिए विभाग की वेबसाइट भी काम कर रही है।

स्कूल शिक्षा विभाग प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश के मुताबिक कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। वर्क फ्रॉम होम में रहकर भी कर्मचारियों ने बेहतर काम किया है। ऑनलाइन पढ़ाई एक वैकल्पिक व्यवस्था है। इसे निरंतर रखा जाएगा, लेकिन स्कूल खोलना भी जरूरी है। क्योंकि बहुत सी गतिविधियों का संचालन ऑनलाइन नहीं हो सकता।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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