गंभीर व्यक्तियों का एंटीजन टेस्ट निगेटिव तो आरटी-पीसीआर या ट्रूनेट टेस्ट जरूरी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन

गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले ने सभी संभागों के आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना संक्रमित व्यक्ति के प्राइमरी कांटेक्ट में आए ऐसे लोग जिनमें संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं, उनकी जांच की जाएगी।

By: Karunakant Chaubey

Published: 10 Sep 2020, 10:39 PM IST

रायपुर. गंभीर व्यक्तियों/मरीजों की एंटीजन किट हुई जांच निगेटिव आती है तो ऐसी स्थिति में उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट और ट्रूनेट टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। गुरुवार को राज्य सरकार ने कोविड-19 की जांच के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए। स्टेट कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की तकनीकी समिति की अनुशंसा पर प्रदेश में कोविड-19 की जांच की रणनीति में यह अहम बदलाव किया गया है।

गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले ने सभी संभागों के आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना संक्रमित व्यक्ति के प्राइमरी कांटेक्ट में आए ऐसे लोग जिनमें संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं, उनकी जांच की जाएगी।

उच्च जोखिम वर्ग में आने वाले बिना लक्षण के प्राइमरी कांटेक्ट जैसे- 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, इम्युनो-काम्प्रोमाइज्ड और को-मोरबीडीटीज ग्रस्त, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, किडनी रोग, सिकलसेल रोग इत्यादि से प्रभावित व्यक्तियों एवं गर्भवती महिलाओं की भी जांच की जाएगी।

साथ ही बुखार, सर्दी, खांसी या सांस में तकलीफ, श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी से पीडि़तों और निमोनिया के भर्ती मरीजों के जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोविड-19 के लक्षणों जैसे मुंह में स्वाद न आना, सुगंध न आना, उल्टी या पतले दस्त होना एवं मांसपेशियों में दर्द से पीडि़तों की भी जांच सुनिश्चित करने कहा गया है

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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