शंकराचार्य बोले- आदिवासी हिन्दू नहीं, हिन्दू होते तो अपना धर्म नहीं बदलते

शंकराचार्य बोले- आदिवासी हिन्दू नहीं, हिन्दू होते तो अपना धर्म नहीं बदलते

Chandu Nirmalkar | Publish: Apr, 24 2018 04:39:37 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

दूसरे धर्म में परिवर्तित हो जाते हैं, लेकिन जो हिन्दू हैं वे कभी दूसरे धर्म में परिवर्तन नहीं होते..

रायपुर/कवर्धा. शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि आदिवासी हिन्दू नहीं हैं और वे अपने आप को हिन्दू समाज के अनुयायी बताते हैं। आदिवासी यदि हिन्दू होते तो धर्म परिवर्तन कभी न करते। कवर्धा पहुंचे ज्योतिषपीठ व द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आदिवासी धर्मांतरण में विश्वास रखते हैं। दूसरे धर्म में परिवर्तित हो जाते हैं, लेकिन जो हिन्दू हैं वे कभी दूसरे धर्म में परिवर्तन नहीं होते।

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है संस्कृति की रक्षा न करना। लोगों को हमारे संस्कृति का ज्ञान नहीं है, इसके कारण देश संकट से जूझ रहा है। संस्कृति का ज्ञान न होने से महिलाओं के साथ अत्याचार, चोरी, भ्रष्टाचार, कत्ल जैसे पाप हो रहे हैं। जिस दिन संस्कृति का ज्ञान हो जाएगा देश से खतरा हट जाएगा।

सरकार के पास मौका
शंकराचार्य स्वरूपानंद ने कहा कि कोर्ट से केस जीतने के बाद भी कोई सरकार मंदिर नहीं बना सकती। चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस। मंदिर कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बना सकती। मंदिर केवल अयोध्या में बने रामालय ट्रस्ट के सदस्य व पदाधिकारी ही मंदिर का निर्माण करेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर बनाना कोई मुद्दा नहीं है। इससे बनाने के लिए आस्था होनी चाहिए।

राम जन्मभूमि पर ही राम मंदिर बनना चाहिए। इसके लिए कोर्ट में फैसला आने का इंतजार करना होगा। अयोध्या में राम मंदिर के चिह्न मिलते हैं, लेकिन किसी मस्जिद के कोई चिह्न नहीं मिले हैं। सरकार मंदिर बनाने के नाम पर वाहवाही न लूटे। भाजपा के सरकार के पास मौका है जितना अच्छा काम हिन्दुओं के लिए कर सकें, करने चाहिए। क्योंकि जनता न जाने कब सत्ता से उतार दे।

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