शारदीय नवरात्रि कल से, जानिए घट स्‍थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्‍व

शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) पर्व प्रारंभ होने में अब केवल एक दिन और है। 17 अक्टूबर को मनोकामना ज्योत (Manokamna Jyot) घरों से लेकर देवी मंदिरों में जगमग होगी।

By: Bhawna Chaudhary

Updated: 16 Oct 2020, 08:44 AM IST

रायपुर. शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) पर्व प्रारंभ होने में अब केवल एक दिन और है। 17 अक्टूबर को मनोकामना ज्योत (Manokamna Jyot) घरों से लेकर देवी मंदिरों में जगमग होगी। महामाया मंदिर को छोड़कर 16 अक्टूबर तक ज्योत का पंजीयन होगा। वहीं इस बार शहर में बहुत कम जगहों पर पूजा पंडालों में मां दुर्गा अनेक रूपों में विराजेंगी।

मूर्तिकार नौ रूपों में मां दुर्गा तो चार और आठ भुजाओं वाली शेरावाली को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। परंतु आस्था का यह पर्व फीका-फीका सा लग रहा है, क्योंकि कोरोना के चल रहा है। पहले जैसा उत्साह नहीं रहा। दुर्गोत्सव समितियां शहर में 4 से 5 हजार जगहों पर मूर्तियां विराजकर उत्सव मनाती रही हैं, वह अब पूरा परिवार तक सीमित होती दिख रही हैं, क्योंकि उत्सव की गाइडलाइन सख्त है। इसलिए कहीं-कहीं तैयारियां चल रही है।

जानिए मनोकामना ज्योति कलश स्थापना व प्रज्जवलन का शुभ मुहूर्त
राजधानी के पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि में मनोकामना ज्योति कलश स्थापना व प्रज्जवलन शनिवार को प्रातः 11:36 से 12:24 मिनट के मध्य शुभ मुहूर्त पर किया जाएगा। शीता मंदिर के पुजारी शीतला सैनी ने बताया कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा दिए गाइडलाइन का पूरी तरह से मंदिर में पालन किया जाएगा. करीब 11 सौ मनोकामना ज्योति कलश स्थापित की जा रही है।

नवरात्रि की अंखड ज्योति का महत्व
नवरात्रि की अखंड ज्योति का बहुत महत्व होता है। मंदिरों और घरों में नवरात्रि के दौरान दिन रात जलने वाली ज्योति जलाई जाती है। माना जाता है हर पूजा दीपक के बिना अधूरी है और ये ज्योति ज्ञान, प्रकाश, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक होती है।

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जानिए पूजा विधि
- नवरात्रि के पहले दिन कलश स्‍थापना कर नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्‍प लें
- पूरी श्रद्धा भक्ति से मां की पूजा करें
- दिन के समय आप फल और दूध ले सकते हैं
- शाम के समय मां की आरती उतारें
- सभी में प्रसाद बांटें और फिर खुद भी ग्रहण करें
- फिर भोजन ग्रहण करें
- हो सके तो इस दौरान अन्‍न न खाएं, सिर्फ फलाहार ग्रहण करें
- अष्‍टमी या नवमी के दिन नौ कन्‍याओं को भोजन कराएं. उन्‍हें उपहार और दक्षिणा दें
- अगर संभव हो तो हवन के साथ नवमी के दिन व्रत का पारण करे

बम्लेश्वरी मंदिर में 51 मनोकामना ज्योत जलेगी
वीर सावरकर वार्ड अंर्तगत जरवाय (हीरापुर) स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में 51 मनोकामना ज्योत कलश प्रज्वलित होगी। जरवाय के पूर्व सरपंच पवन सिंह ठाकुर ने बताया प्रतिवर्ष चैत्र व शारदीय नवरात्रि में माता रानी के मंदिर में भक्तों द्वारा ज्योति कलश प्रज्वलित कराया जाता आ रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते चैत्र नवरात्रि में जिन भक्तों की मनोकामना ज्योत कलश प्रज्वलित नहीं हो पाई थी, उन भक्तों की मनोकामना ज्योत इस शारदीय नवरात्रि पर्व में प्रज्वलित कराई जाएगी।

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