सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पसरा सन्नाटा

स्वास्थ्य : एम्स, आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल, डीकेएस, डेंटल कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों में कम रही ओपीडी

By: VIKAS MISHRA

Published: 22 Mar 2020, 12:21 AM IST

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कफ्र्यू का ऐलान किया है लेकिन शनिवार को ही राजधानी के शासकीय अस्पतालों में कफ्यू जैसा माहौल था। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, आंबेडकर अस्पताल, डेंटल कॉलेज, जिला अस्पताल, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपेक्षा अनुसार काफी कम ओपीडी रही।
एम्स में प्रतिदिन की ओपीडी 3500 से 4000 के करीब है लेकिन शनिवार को मात्र 500 लोग ही इलाज कराने के लिए पहुंचे। ऐसे ही आंबेडकर अस्पताल में 2000 से 2200 की ओपीडी रहती है लेकिन 900 के करीब मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। जिला अस्पताल में 400 के करीब ओपीडी रही। वहीं, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 100 से 150 के बीच रही। आंबडेकर अस्पताल में कैंसर विभाग के बाद आर्थो में सबसे ज्यादा ओपीडी रहती है। डिपार्टमेंट के बाहर प्रतिदिनि मरीजों की भीड़ लगी रहती है लेकिन शनिवार को सन्नाटा पसरा हुआ था। एम्स में भी सिर्फ आईपीडी में भर्ती मरीजों के साथ आए परिजन ही दिखे। डेंटल कॉलेज में भी सन्नाटा पसरा रहा। यहां प्रतिदिन ओपीडी 400 से 500 के करीब रहती है।
दाऊ कल्याणसिंह सुपरस्पेशलिटी (डीकेएस) अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 500 की ओपीडी रहती है लेकिन शनिवार को सिर्फ 90 रही। यहां न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी समेत 8 डिपार्टमेंट संचालित है। डीकेएस के उप अधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि हर विभाग में 8 से 10 मरीज ही पहुंचे, जबकि डॉक्टर सुबह 8.30 बजे से लेकर दोपहरन 2 बजे तक ओपीडी में बैठे हुए थे।

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