सरकार से प्राइवेट स्कूलों को 2 साल से नहीं मिला आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों की फीस

शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रत्येक निजी स्कूलों में25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है, जिनके दाखिला की फीस शासन वहन करता है। लेकिन बीते दो सत्र से शासन की ओर से स्कूलों को मिलने वाली फीस का भुगतान नहीं किया गया है।

By: Dinesh Kumar

Updated: 29 May 2020, 12:39 AM IST

रायपुर जिले में स्कूलों का 35 करोड़ बकाया
भुगतान के लिए स्कूल प्रबंधन लगा रहे शिक्षा विभाग के चक्कर

रायपुर. शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रत्येक निजी स्कूलों में25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है, जिनके दाखिला की फीस शासन वहन करता है। लेकिन बीते दो सत्र से शासन की ओर से स्कूलों को मिलने वाली फीस का भुगतान नहीं किया गया है। इस बात को लेकर कई निजी स्कूल प्रबंधन में नाराजगी है। रायपुर जिला में कुल 853 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। स्कूल प्रबंधन वर्तमान सत्र में प्रवेश प्रक्रिया से पहले शासन से शुल्क अदायगी के लिए दबाव बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बीते शिक्षा सत्र आरटीआई के तहत 10 हजार छात्रों के लिए सीटें सुरक्षित की गई थी, जिसमें से 5 हजार बच्चों के प्रवेश आरटीई के तहत जिले में हो पाए। नवीन शिक्षा सत्र में भी स्कूल शिक्षा विभाग ने रायपुर जिले में 10 हजार सीटों को सुरक्षित किया है।

स्टॉफ का भुगतान करने में हो रही समस्या
एक निजी स्कूल के संचालक ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 के बाद 2018-19 में आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं की फीस सरकार ने भुगतान नहीं किया है। यह राशि कई स्कूलों में लाखों की हो चुकी है। शुल्क की राशि नहीं मिलने से स्कूल प्रबंधन अपने स्टॉफ का पेमेंट करने में भी असमर्थ होने लगे हैं।

प्रति स्टूडेंट 7000 रुपए देना है सरकार को
आरटीई तहत निजी स्कूल में दाखिला पाने वाले पात्र छात्र-छात्रा की फीस के रूप में सरकार को निजी स्कूल प्रबंधन को प्रति छात्र 7000 रुपए देना है। साथ ही 650 रुपए गणवेश व जूता के लिए दिया जाना है। दो सत्र में कक्षा पहली में दाखिला लेने वाले छात्रों का भुगतान अटका हुआ है।

आवेदन की बढ़ सकती है तिथि
कोरोना संक्रमण काल के कारण स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं में अनिश्चितकालीन ब्रेक लगा हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें, तो आरटीआई के तहत आवेदन करने की तिथि 30 मई निर्धारित की गई है। लॉकडाउन बढऩे और स्कूल नहीं खुले तो आरटीई के तहत आवेदन करने की तिथि और बढ़ाई जा सकती है। आवेदन प्रक्रिया होने के बाद लॉटरी सिस्टम के तहत सीटों का आवंटन किया जाएगा।

वर्जन
आरटीई के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली राशि का भुगतान दो साल से नहीं हुआ है। निजी स्कूलों से राशि का विवरण मांगा है, जल्द भुगतान किया जाएगा।

जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी
रायपुर

Dinesh Kumar Reporting
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