कोरोना इफेक्ट: राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने बंद की सुनवाई

लॉकडाउन के बाद 22 मार्च से 19 जून तक 500 से अधिक आवेदन जमा हो चुके है। इसमें सबसे अधिक बस्तर और सरगुजा संभाग के बताए जाते है। फिलहाल सभी आवेदन को आगामी आदेश तक के लिए लंबित रखा गया है।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 26 Jun 2020, 08:56 PM IST

रायपुर. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायतों की सुनवाई बंद कर दिया गया है। हालात सामान्य होने पर दोबारा सुनवाई शुरू होने की सूचना देने की निर्देश जारी किए गए हैं। वर्तमान समय में आयोग के जलविहार कालोनी स्थित मुख्यालय में केवल पीडि़तों के आवेदन स्वीकार किए जा रहे है। साथ ही छानबीन कर प्रकरणों को सूचीबद्ध कर फाइल तैयार की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के बाद 22 मार्च से 19 जून तक 500 से अधिक आवेदन जमा हो चुके है। इसमें सबसे अधिक बस्तर और सरगुजा संभाग के बताए जाते है। फिलहाल सभी आवेदन को आगामी आदेश तक के लिए लंबित रखा गया है। आयोग के सचिव एचकेएस उइके ने बताया कि यात्री बसों के नहीं चलने के कारण शिकायतकर्ताओं को नहीं बुलवाया जा रहा है। हालात के सामान्य होने पर संबधित पक्ष को सूचना भेजकर बुलवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आदिवासियों से संबंधित मामलों को सुलझने के लिए के लिए आयोग का गठन किया गया है।

कोरम का इंतजार

अजजा आयोग में पिछले तीन महीनों से शिकायतों की सुनवाई बंद है। केवल अतिआवश्यक प्रकरणों में संबंधित शासकीय विभागों को पत्र भेजकर अपना पक्ष रखने कहा गया है। मिली जानकारी के अनुसार आयोग में नए अध्यक्ष और सदस्यो के नियुक्ति का संकेत मिलते ही विभागीय कर्मचारी और अधिकारी भी उनका इंतजार कर रहे है। बता दें कि इस समय आयोग के सचिव के आदेश पर कुछ विभाग को पत्राचार और जरूरी कामकाज निपटाए जा रहे हैं।

सुनवाई के लिए कोर्ट

राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग को आदिवासियों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने का अधिकार दिया गया है। आयोग के सदस्य और अध्यक्ष सभी पक्षों को नोटिस जारी कर उनका बयान लेने के बाद अपना फैसला सुनाते है। साथ ही इसकी दिए गए फैसले का पालन करने के लिए अनुशंसा की जाती है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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