बाहरी नक्सलियों के भेदभाव से परेशान 11 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य शासन के पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं जल्द ही प्रदान किया जाएगा।

By: bhemendra yadav

Published: 26 Sep 2021, 07:10 PM IST

सुकमा. पुना नर्कोम अभियान से प्रभावित और बाहरी नक्सलियों के भेदभाव से परेशान होकर शुक्रवार की दोपहर को सीआरपीएफ के पैदागुडेम कैम्प में सीआरपीएफ व पुलिस अफसरों के समक्ष एक गांव के रहने वाले 11 नक्सलियों ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य शासन के पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं जल्द ही प्रदान किया जाएगा।

बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव से परेशान और स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर मिडिय़म हिंगा (नक्सली सदस्य, इंटेलीजेंस शाखा), मड़कम हड़मा (नक्सली सदस्य), मुचाकी सुकड़ा (नक्सली सदस्य), मिडिय़म गंगा (नक्सली सदस्य), माड़वी मुदराज (नक्सली सदस्य), सोड़ी मगंडू (नक्सली सदस्य), मिडिय़म नन्दा (डाक्टर कमेटी सदस्य भट्टीगुड़ा आरपीसी), मिडियम हड़मा (सीएनएम सदस्य भट्टीगुड़ा आरपीसी), मडक़म बुद्री (केएएमएस सदस्य भट्टीगुड़ा आरपीसी), सोड़ी मुका (मिलिशिया सदस्य), मिडियम देवे (मिलिशिया सदस्य) सभी ग्राम पोलमपल्ली थाना गोलापल्ली सुकमा के रहने वालों ने गुरुवार की दोपहर को आत्मसमर्पण किया।

इस दौरान पैदागुडेम कैंप में राजीव कुमार ठाकुर, उप महानिरीक्षक (परिचालन कोंटा रेंज सीआरपीएफ), जे.पी. बलई कमाण्डेन्ट 212 वाहिनी सीआरपीएफ, पी.के. साहू टूआईसी 212 वाहिनी सीआरपीएफ, सचिन्द्र चौबे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा, परख राजवंशी 212 वाहिनी सीआरपीएफ, विश्वविलाश मलोथ 212 वाहिनी सीआरपीएफ एवं पंकज कुमार पटेल पुलिस अनुविभागीय अधिकारी, मरईगुड़ा उपस्थित थे।

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