आईईडी लगाने वाले एक्सपर्ट माओवादी ने किया समर्पण

बुरकापाल हमले और किरंदुल टीआई डीएन नागवंशी की हत्या में भी रहा शामिल

By: ramdayal sao

Published: 29 May 2020, 02:05 AM IST

raipur/ दंतेवाड़ा. सुरक्षाबलों की आवाजाही के रास्ते का नक्शा बनाने व उस रास्ते पर एंबुश लगाने की प्लानिंग करने वाला प्लाटून नंबर 24 कर डिप्टी कमांडर प्रदीप उर्फ भीमा कुंजाम ने दंतेवाड़ा एसपी के सामने सरेंडर कर दिया है।
प्रदीप ने जानकारी दी कि 2014-15 में उसने माड़ डिवीजन व बटालियन में बड़े माओवादियों से रेडियो, वायरलेस सेट की मरम्मत, उसका मॉडिफिकेशन, वूबी ट्रैप लगाना, मोबाइल मैसेजिंग करना व इंटरसेप्शन, डिकोडिंग की ट्रेनिंग ली थी। उसके पास से दंतेवाड़ा के पोटाली कैंप के आसपास का एक नक्शा भी बरामद हुआ है।
प्रदीप ने बताया कि बीमारी से परेशान होकर वह अपना इलाज करवाने तेलंगाना जाना चाहता था। लेकिन माओवादियोंं ने न तो उसका इलाज करवाया और न ही उसे बाहर जाने की इजाजत दी। गोंडेरास मुठभेड़ में माओवादी लीडर राधा के मारे जाने से माओवादी उस पर शक करते थे। जिसकी वजह से उसने सरेंडर करने का फैसला लिया। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव व सीआरपीएफ डीआईजी डीएन लाल ने इसे बड़ी सफलता कहा है।
बुर्कापाल मुठभेड़ और टीआई नागवंशी की हत्या में भी था शामिल : वर्ष 2008 से माओवादी संगठन में शामिल हुए प्रदीप ने मलांगिर एरिया कमेटी के अलावा माओवादी लीडर गणेश उइके के गनमेन के तौर पर और एसजेडसी मेंबर चैतू के साथ लंबे समय तक काम किया।

आत्मसमर्पण करने वाले प्रदीप ने स्वीकारा कि वह 26 जून 2011 को पटेलपारा किरंदुल में पेट्रोलिंग पार्टी को विस्फोट से उड़ाने की वारदात में शामिल था। जिसमें टीआई डीएन नागवंशी समेत 3 जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा सुकमा जिले के बुरकापाल में एंबुश लगाकर सीआरपीएफ के 25 जवानों की हत्या, 13 मई 2012 को किरंदुल में सीआईएसएफ के 5 जवानों व 1 सिविलियन की हत्या, वर्ष 2012 में माड़ेंदा नाला में एंटी लैंडमाइन व्हीकल को ब्लास्ट से उड़ाने की वारदात में भी शामिल रहा।
पत्नी पहले ही जेल में बंद
सरेंडर करने वाले प्रदीप की पत्नी सोड़ी गंगा गोंडेरास की निवासी है। 5 लाख की इनामी यह महिला माओवादी दिसंबर 2019 से जगदलपुर जेल में बंद है। एसपी डॉ. पल्लव ने कहा कि उसकी पत्नी की रिहाई व सरेंडर के प्रयास किए जाएंगे। ताकि दोनों मुख्य धारा में रहकर देश व समाज की सेवा कर सकें। एसपी ने कहा कि प्रदीप के सरेंडर से पुलिस को बड़े माओवादी लीडरों की गोपनीय जानकारियां मिली हैं।

ramdayal sao Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned